नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में इस साल ईद-उल-फितर का जश्न कुछ अलग अंदाज में देखने को मिला। यहां ईदगाह में नमाज अदा करने पहुंचे कई लोगों ने वक्फ (संशोधन) विधेयक के विरोध में काली पट्टी बांध रखी थी। यह विरोध ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के आह्वान पर किया गया।
बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने किया विरोध
इस विरोध में सिर्फ बड़े ही नहीं, बल्कि बच्चे भी शामिल हुए। सभी ने काली पट्टी बांधकर नमाज अदा की। इससे पहले रमजान की आखिरी नमाज के दौरान भी इसी तरह का प्रदर्शन किया गया था। इस विधेयक के विरोध का मुख्य कारण यह है कि इसमें वक्फ ट्रिब्यूनल के अलावा अन्य अदालतों में भी जमीन के दावे की अनुमति दी गई है। इस बिल के मुताबिक, अगर किसी ने वक्फ को दान में जमीन नहीं दी है, तो वह वक्फ की संपत्ति नहीं मानी जाएगी, भले ही उस पर मस्जिद बनी हो। इसके अलावा, वक्फ बोर्ड में दो महिलाओं और अन्य धर्मों के दो सदस्यों को शामिल करने का भी प्रावधान है।
शुक्रवार को भी दिखा था विरोध
इस विधेयक के खिलाफ विरोध सिर्फ ईद तक सीमित नहीं रहा। रमजान की आखिरी नमाज के दौरान भी कई लोगों ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया था। विरोध करने वाले लोगों का कहना है कि अगर यह बिल पास हो जाता है, तो मस्जिदें, दरगाहें, मदरसे और कब्रिस्तान जैसी संपत्तियां वक्फ बोर्ड के हाथ से निकल सकती हैं। भोपाल ही नहीं, बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी इस विधेयक के खिलाफ विरोध देखा गया। कई इस्लामिक संगठनों ने इसे वक्फ संपत्तियों के अधिकारों को कमजोर करने वाला बिल बताया है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और अन्य संगठनों ने इस विधेयक के खिलाफ अपना विरोध जारी रखने की बात कही है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है और विरोध को लेकर क्या प्रतिक्रिया देती है।




