back to top
36.1 C
New Delhi
Thursday, April 23, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

मधुमिता शुक्ला हत्याकांड मामले में दोषी शूटर प्रकाश पांडेय की कैंसर से हुई मौत, अमरमणि त्रिपाठी का था करीबी

प्रकाश पांडेय का लखनऊ के पीजीआई में इलाज चल रहा था। वहीं पर उसकी मौत हो गई। जिसके बाद उसके शव को गोरखपुर लाया गया। जहां राजघाट में उसका अंतिम संस्कार किया गया।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश के चर्चित मधुमिता मर्डर केस में आरोपी प्रकाश पांडेय की कैंसर बिमारी से मौत हो गई। वो गोरखपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के चारगांव का रहने वाला था। प्रकाश पांडेय को मधुमिता मर्डर केस में पहले ही सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई थी और वो जेल से बाहर था।

मधुमिता मर्डर केस में कैसे आया था नाम?

दरअसल प्रकाश पांडेय एक अच्छे परिवार से था। उसके पिता एक बिजनेस मैन थे और उनके पास एक पेट्रोल पंप भी था, लेकिन गलत संगत की वजह से वो अपराध की दुनिया में कदम रख दिया। प्रकाश पांडेय दूसरा श्रीप्रकाश शुक्ला बनना चाहता था। 9 मई 2003 को कवियत्री मधुमिता शुक्ला मर्डर मामले में प्रकाश पांडेय का नाम पहली बार एक शूटर के तौर पर सामने आया था। यहीं उसके जीवन का अंतिम अपराध था। इस हत्याकांड मामले में उसे जेल की सजा हुई। कुछ समय पहले वो जमानत पर रिहा हुआ था, लेकिन उसे कैंसर ने जकड़ लिया। प्रकाश पांडेय का लखनऊ के पीजीआई में इलाज चल रहा था। वहीं पर उसकी मौत हो गई। जिसके बाद उसके शव को गोरखपुर लाया गया। जहां राजघाट में उसका अंतिम संस्कार किया गया।

अमरमणि त्रिपाठी से ऐसे हुई मुलाकात

प्रकाश पांडेय ने एमजी इंटर कॉलेज से इंटर और डिग्री कॉलेज से ग्रेजुएशन की पढ़ाई की थी। इसी दौरान उसकी संगत गलत लोगों से हो गई। गलत लोगों से मेल जोल बढ़ाने लगा। पिता व्यवसायी थे, इसलिए उसके पास पैसों की कोई कमी नहीं होती थी। धीरे-धीरे उससे दोस्त जुड़ते चले गए। 1999 में पिता की मौत के बाद प्रकाश पांडेय ने अपराध की दुनिया में कदम रख दिया। बाद में नेताओं से मेल-जोल के चलते संतोष राय के साथ वो लखनऊ में ही रहने लगा। इसी दौरान प्रकाश पांडेय की नजदीकी अमरमणि त्रिपाठी से बढ़ गई। साल 2003 में कवियत्री मधुमिता शुक्ला की गोली मारकर हत्या मामले में पहली बार उसका नाम सामने आया। पुलिस की जांच में पता चला कि अमरमणि त्रिपाठी और मधुमिता के बीच काफी लंबे समय से प्रेम संबंध था। जब मधुमिता प्रेगनेंट हो गईं और त्रिपाठी पर शादी के लिए दबाव बनाया तो उनकी हत्या कर दी गई।

दोषियों को सुनाई गई उम्रकैद की सजा

इस मामले में पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी, उनकी पत्नी मधुमणि, रोहित चतुर्वेदी, संतोष राय और प्रकाश पांडेय आरोपी बनाये गए। इस मामले में सभी दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। हालांकि 2013 में वह जेल से बाहर आ गया। इसी दौरान वो कैंसर की चपेट में आ गया। जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई।

क्या है मधुमिता शुक्ला हत्याकांड?

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में 9 मई, 2003 को कवियत्री मधुमिता शुक्ला की हत्या उनके घर में ही कर दी गई। इस हत्याकांड के आरोप में राज्य सरकार में मंत्री रहे अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधु त्रिपाठी को उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई थी। जानकारी के मुताबिक जिस समय मधुमिता की हत्या की गई। उस समय वो 7 महीने की गर्भवती थीं। अमरमणि त्रिपाठी उनपर लगातार बच्चा गिराने का दबाव बना रहे थे। जब मधुमति शुक्ला नहीं मानी तो अमरमणि त्रिपाठी ने लखनऊ के पेपर मिल कॉलोनी में स्थित उनके घर में दो शूटरों को भेजकर उनकी हत्या करा दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि मधुमति के गर्भ में अमरमणि त्रिपाठी का ही बच्चा था। 

Advertisementspot_img

Also Read:

गोरखपुर में राम कथा के दौरान भड़के राजन जी महाराज, बोले- कौन मारेगा गोली

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क । मशहूर कथावाचक राजन जी महाराज उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में राम कथा के लिए आए हैं। हजारों श्रद्धालु...
spot_img

Latest Stories

Mumbai Indians vs Chennai Super Kings: वानखेड़े में रन बरसेंगे, पिच बल्लेबाजों की बनेगी दोस्त

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आईपीएल 2026 में आज Mumbai Indians...

West Bengal Elections 2026: मुर्शिदाबाद में वोटिंग के दौरान बवाल, हुमायूं कबीर और TMC कार्यकर्ता भिड़े

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के...

Stock Market Today: शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, , Sensex 600 से ज्यादा अंक टूटा, Nifty भी टमाटर की तरह हुआ लाल

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। गुरुवार, 23 अप्रैल को भारतीय शेयर...

काली कोहनी से हैं परेशान,तो इन घरेलू उपायों से करें साफ

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। अक्सर देखने को मिलता है...

इस दिन मनाई जाएगी मोहिनी एकादशी, जानिए पूजा विधि से लेकर सब कुछ

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। मोहिनी एकादशी (Mohini Ekadashi) हिंदू...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵