नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब भारत ने 15 दिन बाद दिया। भारतीय सेना ने 6-7 मई की देर रात करीब एक बजे के लगभग ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) शुरु किया। इस ऑपरेशन का मकसद था कि पाकिस्तान और पीओके में आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाना। भारत ने उसी रात को पाकिस्तान ओर POK के 9 आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की। जिसमें 100 से ज्यादा आतंकियों की मारे जाने की पुष्टि हुई।
लिस्ट में लश्कर का टॉप कमांडर शामिल
पाकिस्तान के अंदर आतंकवादियों के ठिकाने, जिहादी मानसिकता को बढ़ावा देने वाले मदरसें, ट्रेनिंग कैंप और लॉन्च पैड को टारगेट किया गया। ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने सिलसिलेवार पाक के 7 प्रमुख शहरों में 9 आतंकी ठिकानों में तबाही मचाई। इसमें कई आतंकी माने जाने की पुष्टि हुई। अब इनके नाम भी जारी कर दिए है। इस लिस्ट में लश्कर का टॉप कमांडर अबु जिंदाल, मसूद अजहर का बहनोई मोहम्मद जमील समेत कई अन्य आतंकी शामिल है।
भारत की इस आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई में आतंकवादी संगठनों लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े कई टॉप के आतंकी ढेर हुए हैं। ये आतंकी भारत में अलग-अलग आतंकी हमलों में शामिल रह चुके थे। भारतीय सेना की कार्रवाई में मसूद अजहर के करीबी लोगों में से 14 की मौत हो चुकी है। इस पर मसूद अजहर ने कहा था कि काश ऊपर वाला उसे भी अपने पास बुला लेता।
ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए प्रमुख आतंकवादी
1. मुदस्सर खदियान उर्फ अबु जिंदाल (लश्कर-ए-तैयबा)
अबु जिंदाल मुरिदके स्थित मरकज तैयबा का प्रभारी और लश्कर-ए-तैयबा का टॉप आतंकी कमांडर था। मारे जाने के बाद पाकिस्तान सेना ने उसे राजकीय सम्मान के साथ विदा किया था। उसकी इस मोत पर पुष्पांजलि अर्पित की और सरकारी स्कूल परिसर में जनाजा पढ़ाया गया
2. हाफिज मोहम्मद जमील (जैश-ए-मोहम्मद)
यह मसूद अजहर का सबसे बड़ा साला था और बहावलपुर स्थित मरकज ‘सुब्हान अल्लाह’ का प्रभारी था। वह जैश में युवाओं को जोड़ना और उनका ब्रैनवॉश करना मुख्य काम था। इसके अलावा वह आतंकी संगठन के लिए फंडिंग का काम करता था।
3. मोहम्मद यूसुफ अजहर उर्फ उस्ताद जी (जैश-ए-मोहम्मद)
यूसुफ अजहर मसूद अजहर का दूसरा साला था, जो आतंकी संगठन जैश के लिए अवैध हथियारों की सप्लाई और ट्रेनिंग कैंप की जिम्मेदारी देखता था। वह जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी हमलो को अंजाम दे चुका है। साल 1999 में हुए IC-814 विमान हाईजैक का सरगना था।
4. खालिद उर्फ अबु आकाशा (लश्कर-ए-तैयबा)
यह आतंकी जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी हमलों में वांछित रह चुका था। वह अफगान से हथियारों की तस्करी और उन्हें ट्रेनिंग कैंप तक सप्लाई करता था। उसके अंतिम संस्कार में पाक सेना के वरिष्ठ अधिकारी और डिप्टी कमिश्नर तक मौजूद रहे थे।
5. मोहम्मद हसन खान (जैश-ए-मोहम्मद)
यह मुफ्ती असगर खान कश्मीरी से का बेटा था, जो POK में जैश का ऑपरेशनल कमांडर था। हसन का जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों की प्लानिंग और हमले को अंजाम देने में महत्वपूर्ण रोल अदा करता था।




