नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। बिहार के चर्चित लैंड फॉर जॉब मामले में आज सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ अंतिम चार्जशीट दाखिल कर दी है। सीबीआई ने इस चार्जशीट को 38 उम्मीदवारों और अन्य व्यक्तियों सहित 78 आरोपियों के खिलाफ दाखिल किया है। इससे पहले दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई को चार्जशीट दाखिल करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने सीबीआई द्वारा हर तारीख पर चार्जशीट दाखिल करने के लिए समय मांगने पर भी नाराजगी जताई थी। सीबीआई ने अदालत को सूचित किया कि सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी का इंतजार है। अदालत 6 जुलाई को चार्जशीट पर विचार करेगी।
लैंड फॉर जॉब मामले में 78 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
इसी कारण आज सीबीआई ने लैंड फॉर जॉब मामले में लालू प्रसाद यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ कंक्लूडिंग चार्जशीट दाखिल कर दी है। कोर्ट ने सीबीआई को यह आदेश दिया था कि इस मामले में अंतिम चार्जशीट 7 जून को दाखिल की जाए। जिसके बाद सीबीआई ने 38 उम्मीदवारों और अन्य व्यक्तियों सहित 78 आरोपियों के खिलाफ मामले में चार्जशीट दाखिल कर दिया है। इस मामले में लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्य आरोपी हैं। ऐसे में अब इस मामले में यदि सीबीआई के चार्जशीट में लालू परिवार के खिलाफ कुछ लिखा जाता है, तो उनकी मुश्किलें बढ़ सकती है।
क्या है लैंड फॉर जॉब स्कैम?
नौकरी के बदले जमीन का यह मामला रेलवे की जमीन से जुड़ा हुआ है। जहां नौकरी के बदले जमीन ली गई थी। यह सब तब हुआ जब लालू प्रसाद यादव रेलवे मंत्री थे। साल 2004 से 2009 के बीच विभिन्न रेलवे मंडलों में जमीन लेकर कई लोगों को ग्रुप डी में नौकरी दी गई थी। इसके बाद जमीन लेने वालों से लालू प्रसाद यादव के परिवार के सदस्यों और एक संबंधित कंपनी इंफोसिस्टम प्राइवेट लिमिटेड के नाम करवाई गई थी। सीबीआई ने इस मामले में यह भी आरोप लगाया कि रेलवे में की गई भर्तियां भारतीय रेलवे के मानकों के दिशा निर्देशों के हिसाब से नहीं थीं। उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने मई 2015 के तीसरे सप्ताह में इस मामले में लालू के परिजनों से जुड़े 17 ठिकानों पर छापेमारी की थी। सीबीआई ने लालू, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटी मीसा भारती के पटना, गोपालगंज और दिल्ली स्थित ठिकानों पर छापेमारी की थी।
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