नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। बुधवार को कुवैत की एक बिल्डिंग में आग लगने से 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में से 43 लोग भारतीय हैं। कुवैत की इस दिल दहला देने वाली घटना पर दुनिया के कई देशों ने शोक जताया है।
कुवैत की सरकार ने लापरवाही को इस घटना का जिम्मेदार ठहराया है और बिल्डिंग के मालिक और अन्य जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार करने के आदेश दिए हैं। मरने वाले अधिकतर मजदूर केरल और दक्षिण भारत के अन्य राज्यों के रहने वाले हैं। इस इमारत का मालिक मलयाली है। वहीं भारत के विदेश राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह गुरुवार को कुवैत पहुंचे और घायलों से मुलाकात की।
बिल्डिंग में क्षमता से ज्यादा मजदूर ठूंस के रखे गए थे
कुवैत के मंगाफ में स्थित इस इमारत को NBTC ग्रुप नामक कंपनी ने किराये पर लिया था। जिसमें कंपनी में काम करने वाले मजदूर रहते थे। जानकारी के मुताबिक इस इमारत में 196 लोग रह रहे थे जो कि इस इमारत की क्षमता से बहुत ज्यादा था। बताया जा रहा है को भेड़-बकरियों की तरह इस बिल्डिंग में रहने के लिए मजबूर किया गया था।
इमारत में क्षमता से अधिक मजदूरों को रखा गया था
बताया जा रहा है कि बिल्डिंग में बुधवार को नाइट शिफ्ट करके आए मजदूर सो रहे थे। 4 बजे के करीब किचन में आग लग गई और धीरे-धीरे पूरी बिल्डिंग में फैल गई। जिसके चलते कई मजदूरों को निकलने का मौका ही नहीं मिला। वहीं इस बिल्डिंग में सिर्फ एक ही गेट था तथा छत भी उपर से पूरी तरह बंद थी। जिसकी वजह से दम घुटने से कई मजदूरों की मौत हो गई।
कुवैत के गृह मंत्री ने किया मौका मुआयना
घटना के बाद कुवैत सरकार के गृहमंत्री शेख फहद अल यूसुफ ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामले का जायजा लिया और बिल्डिंग के मालिक को गिरफ्तार करने के आदेश दिए। बता दें कि कुवैत की ये बिल्डिंग केजी अब्राहम नाम के एक मलयाली कारोबारी की है। वो केरल के तिरुवल्ला का रहने वाला है।
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