नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। कोलकाता के RG Kar मेडिकल कॉलेज रेप और मर्डर केस में केंद्र सरकार ने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दूसरे पत्र का जवाब दिया है। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्ण देवी ने ममता के इस पत्र का जवाब दिया है। जिसमें उन्होंने ममता बनर्जी के द्वारा किए गए दावे को तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है। इसी बीच 1 सिंतबर को तृणमूल कांग्रेस के महिला मोर्चा ने प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
पश्चिम बंगाल ने 88 फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए हैं
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने ममता के पत्र का जवाब देते हुए कहा है कि, “पश्चिम बंगाल में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (FTSC) और विशेष पॉक्सो कोर्ट की स्थिति के बारे में आपके पत्र में दी गई जानकारी के संबंध में, मैं यह उल्लेख करना चाहूंगी कि कलकत्ता उच्च न्यायालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल ने 88 फास्ट ट्रैक कोर्ट (एफटीसी) स्थापित किए हैं, जो केंद्र सरकार की योजना के तहत आने वाले फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के समान नहीं हैं।”
लंबित मामले होने के बावजूद राज्य ने अतिरिक्त 11 FTSC चालू नहीं किए
इसके आगे उन्होंने लिखा कि पश्चिम बंगाल में बलात्कार और पॉक्सो के 48,600 मामले लंबित होने के बावजूद, राज्य ने अतिरिक्त 11 FTSC चालू नहीं किए हैं, जो राज्य की आवश्यकता के अनुसार विशेष पॉक्सो कोर्ट या बलात्कार और पॉक्सो दोनों मामलों से निपटने वाले संयुक्त FTSC हो सकते हैं। जैसा कि देखा जा सकता है, इस संबंध में आपके पत्र में दी गई जानकारी तथ्यात्मक रूप से गलत है और ऐसा लगता है कि यह राज्य की ओर से FTSC चालू करने में देरी को छिपाने की दिशा में उठाया गया कदम है।”
दरअसल ममता ने पिछले लेटर के लिए लिखा था कि क्यों प्रधानमंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उनके पत्र का जवाब नहीं दिया। हालांकि इस लेटर में ममता ने लिखा है कि सेक्शुअल वॉयलेंस से संबंधित घटनाओं में और सख्त नियम लागू किए जाएं।
ममता ने अपने पत्र में इन बातों का किया था उल्लेख
ममता ने जो पत्र लिखे हैं उसमें महिला सुरक्षा की बात उठाई गई है। उन्होंने रेप करने वालों के खिलाफ कड़े कानून की मांग की थी। उन्होंने आरोपियों को 15 दिनों में सजा दिलाने की बात कही थी। उन्होंने फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना पर विचार करने की बात कही थी। उन्होंने महिला हेल्पलाइन 112 और 1098 के बारे में भी बात की थी और डायल 100 की भी बात की थी।





