नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कोलकाता के RG Kar मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप व हत्या मामले में बैकफुट पर चल रही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने देश में महिलाओं के खिलाफ हिंसा में वृद्धि को लेकर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने मांग की है कि रेप के खिलाफ सख्त से सख्त कानून बनाया जाए।
रेप को लेकर केंद्र बनाए कड़ा कानून
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को भेजी गई अपनी चिट्ठी को एक्स पर साझा किया है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि देश भर में रेप के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। कई मामलों में तो रेप के बाद महिलाओं की हत्या भी कर दी जाती है। इसकी भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश में हर दिन लगभग 90 रेप की घटनाएं हो रही हैं। ये घटनाएं समाज और देश का विश्वास और विवेक को डगमगाती हैं। इसलिए हम सबका ये कर्तव्य है कि देश से रेप जैसी घटनाओं को समाप्त कर महिलाओं को सुरक्षित करें।
15 दिनों के अंदर खत्म हो ट्रायल
उन्होंने आगे लिखा कि ऐसे गंभीर और संवेदनशील मुद्दे को लेकर केंद्र के द्वारा कठोर कानून बनाया जाए। जिसमें ऐसे जघन्य अपराध करने वाले व्यक्तियों को कठोर सजा देने का प्रावधान हो। इसके अलावा ऐसे मामलों में महिलाओं को तुरंत न्याय की व्यवस्था करनी चाहिये। जिसके लिए फास्ट-ट्रैक की स्थापना किया जाना चाहिये। जिसमें 15 दिनों के अंदर ट्रायल खत्म हो सके।
आज सुप्रीम कोर्ट में कोलकाता मामले को लेकर हुई सुनवाई
गौरतलब है कि कोलकाता रेप व हत्या मामले को लेकर आज (22 अगस्त) सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की सरकार, पुलिस और आरजी कर अस्पताल प्रशासन को जमकर फटकार लगाई। सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई में CBI ने अपनी रिपोर्ट पेश की। जिसमें CBI ने सुप्रीम कोर्ट को कोलकाता के RG Kar मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 9 अगस्त 2024 को एक ट्रेनी डॉक्टर की रेप के बाद निर्मम हत्या को लेकर कहा है कि क्राइम सीन से छेड़छाड़ की गई है। CBI ने कोलकाता के आरजी कर मेडिकल अस्पताल से लेकर पुलिस पर इस मामले में लीपापोती की कोशिश करने के आरोप लगाए हैं।
जस्टिस पारदीवाला ने कहा कि 30 साल के करियर में ऐसी लापरवाही नहीं देखी
CBI ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि कोलकाता रेप-मर्डर मामले में अंतिम संस्कार के बाद ही FIR दर्ज की गई। जिसपर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जेबी पारदीवाला ने कोलकाता पुलिस के रवैये पर फटकार लगाई और कोलकाता पुलिस के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने अपने 30 साल के करियर में कभी भी इस तरह की लापरवाही नहीं देखी।





