नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। सुप्रीम कोर्ट के 10 सितंबर को 5 बजे तक अपनी ड्यूटी पर वापस लौटने के खिलाफ कोलकाता में डॉक्टरों ने आर जी कर अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर की रेप और मर्डर केस के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। इन लोगों ने स्वास्थ्य भवन के बाहर बैठकर प्रदर्शन किया।
पुलिस कमिश्नर और वरिष्ठ अधिकारियों को हटाने की मांग
इन लोगों ने कोलकाता स्वास्थ्य विभाग के हेडक्वाटर स्वास्थ्य भवन के बाहर बैठकर दूसरे दिन भी प्रदर्शन किया। इन लोगों की मांग है कि कोलकाता के पुलिस कमिश्नर और वरिष्ठ अधिकारियों को उनके पद से हटाया जाए। इससे पहले सोमवार को प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों को मंगलवार तक काम पर लौटने के लिए कहा था। यह भी कहा गया था कि जब तक यह लोग काम पर वापस नहीं आते तब तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाए।
प्रदर्शनकारियों ने mail को बताया अपमानजनक
हालांकि राज्य सरकार का कहना है कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों को पत्र लिखकर मामले को सुलझाने के लिए सचिवालय में नबन्ना में एक बैठक में बुलाया। प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने कहा कि बैठक के लिए जो mail राज्य के स्वास्थ्य सचिव का था, जिनका वे इस्तीफा मांग रहे थे और उन्होंने इसे “अपमानजनक” बताया है।
उल्लेखनीय है कि 9 अगस्त को कोलकाता के आर जी कर मेडिकल कॉलेज में सेमिनार हॉल से एक ट्रेनी डॉक्टर का शव बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा किया गया कि उसके साथ रेप के बाह हत्या कर दी गई। इस मामले में एक सिविक वॉलंटियर को गिरफ्तार कर लिया गया था। कोलकाता के कोर्ट के आदेश के बाद CBI मामले की जांच कर रही है।
इससे पहले पीड़िता के पिता का दर्द भी सामने आया था।उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया है कि वो लोगों का ध्यान प्रदर्शन से हटाकर दुर्गा पूजा मनाने की ओर लेकर जाना चाहती हैं।
पीड़िता के पिता ने कहा, उन्हें ऐसा लगता है कि इस साल कोई भी दुर्गा पूजा खुशी से नहीं मना पाएगा क्योंकि पश्चिम बंगाल के लोग और देश के लोग उनकी बेटी को अपनी बेटी मानते हैं। इसके बाद वो भावुक हो गए।





