नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। कोलकाता डॉक्टर रेप मर्डर केस में पीड़िता के पिता का दर्द सामना आया है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया है कि वो लोगों का ध्यान प्रदर्शन से हटाकर दुर्गा पूजा मनाने की ओर लेकर जाना चाहती हैं।
पीड़िता के पिता ने कहा, उन्हें ऐसा लगता है कि इस साल कोई भी दुर्गा पूजा खुशी से नहीं मना पाएगा क्योंकि पश्चिम बंगाल के लोग और देश के लोग उनकी बेटी को अपनी बेटी मानते हैं। इसके बाद वो भावुक हो गए।
पीड़िता की मां ने लगाए ये आरोप
इससे पहले पीड़िता की मां ने कहा था कि , हम अपनी बेटी के साथ दुर्गा पूजा मनाते थे। आने वाले सालों में हम कोई भी त्योहार और दुर्गा पूजा नहीं मनाएंगे। उन्होंने ममता बनर्जी की ओर इशारा करते हुए कहा कि वो हमारी बेटी वापस कर दें। अगर उनके परिवार में भी ऐसा होता तो वो यही कहती। उन्होंने ममता पर प्रदर्शनों को दबाने का आरोप भी लगाया।
हमारे घर की रोशनी हमेशा के लिए चली गई: पीड़िता की मां
पीड़िता की मां ने कहा कि उनके घर की रोशनी हमेशा के लिए चली गई है। आरोपियों की ओर संकेत करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने मेरी बेटी को मार डाला। अब वो इंसाफ की मांग को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। पीड़िता के पिता ने कहा कि ममता बनर्जी इस केस में काम नहीं कर रही हैं। मामले में सिर्फ संजय रॉय की गिरफ्तारी हुई है। हम शुरुआत से कह रहे हैं कि विभाग का कोई व्यक्ति मामले में शामिल है।
ममता ने लोगों से त्योहरों की ओर लौटने की अपील की
दरअसल ममता बनर्जी ने लोगों से त्योहारों की ओर लौटने की अपील की है। उन्होंने एक बैठक के दौरान कहा कि वो लोगों से अपील करती हैं कि वो त्योहरों की ओर लौंटें और CBI को पूरी छानबीन करने दें। इसी बीच प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टरों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना की है जिसमें कहा गया था कि मंगलवार शाम 5 बजे तक अपने काम पर लौट आंए। उनका कहना है कि जब तक हमें इंसाफ नहीं मिल जाता तब तक प्रदर्शन करना जारी रखेंगे।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को प्रदर्शनकारियों ने अपना प्रदर्शन जारी रखा। यह लोग कोलकाता पुलिस कमिश्नर और उच्च स्वास्थ्य अधिकारी को हटाने की मांग कर रहे हैं। राज्य सरकार का कहना है कि ममता ने प्रदर्शनकारियों को पत्र लिखा है। उन्हें इस मामले को सुलझाने के लिए उन्हें सचिवालय पर बैठक के लिए बुलाया है। हालांकि प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बैठक के लिए जो मेल आया है वो स्वास्थ्य सचिव की ओर से आया है जिनके इस्तीफे की मांग की जा रही थी। उन्होंने इसे अपमानजनक बताते हुए कहा है कि बैठक में केवल 10 लोगों को शामिल होने के लिए कहा गया है जो बहुत ही अपमानजनक है।




