नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। Times Magazine ने साल 2025 की Women of the Year लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में भारत की पूर्णिमा देवी बर्मन का नाम भी शामिल किया गया है। 45 वर्षीय पूर्णिमा असम की रहने वाली हैं, पेशे से बायोलॉजिस्ट हैं और वन्य जीव संरक्षण की दिशा में काम करती हैं। उनके साथ अभिनेत्री निकोल किडमैन और कार्यकर्ता फतौ बलदेह को टाइम्स ने विमेन ऑफ द ईयर लिस्ट में शामिल किया है।
बचपन से वन्य जीवन से रहा जुड़ाव
पूर्णिमा अपने समुदाय और हरगिला सारस के संरक्षण के लिए कई सालों से काम कर रही हैं। उन्हें ग्रेटर एडजुटेंट सारस भी कहा जाता है। बर्मन का वन्य जीवन से जुड़ाव बचपन में ही शुरू हो गया था, जो उनकी दादी के पक्षियों के प्रति प्रेम से प्रेरित था। बचपन के इस आकर्षण ने उन्हें वन्यजीव संरक्षण में अपना करियर बनाने के लिए प्रेरित किया, और बड़े सहायक सारस की रक्षा पर ध्यान केंद्रित किया।
सारस के संरक्षण की दिशा में किया काम
जब बर्मन ने पहली बार अपना काम शुरू किया, तो सारस गंभीर रूप से खतरे में था, असम में केवल लगभग 450 व्यक्ति बचे थे। उनके प्रयासों की बदौलत, सारस की स्थिति को इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN) द्वारा “लुप्तप्राय” से “खतरे के करीब” में अपग्रेड कर दिया गया है और तब से इस क्षेत्र में इसकी आबादी 1,800 से अधिक हो गई है। संरक्षण के प्रति बर्मन का दृष्टिकोण केवल पक्षियों की सुरक्षा के बारे में नहीं था। बल्कि इस प्रक्रिया में उन्होंने स्थानीय समुदाय, विशेषकर महिलाओं को भी शामिल किया।
मिल चुके हैं कई अवॉर्ड
पूर्णिमा देवी को समय-समय पर अलग-अलग अवार्ड से नवाजा जाता रहा है। उन्हें संयुक्त राष्ट्र का सर्वोच्च पर्यावरण पुरस्कार के अलावा 2017 में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद द्वारा नारी शक्ति पुरस्कार भी मिल चुका हैं। यूनाइटेड किंगडम की राजकुमारी ने भी उन्हें व्हिटली पुरस्कार दिया था, जिसे लोग ग्रीन ऑस्कर के नाम से भी जानते हैं।
अपने 70 बलात्कारियों को सज़ा दिलवाने वाली जिसेल का नाम भी लिस्ट में
इस लिस्ट में फ्रांस की जिसेल पेलिकॉट को भी शामिल किया गया है। जिसेल बीते दिनों तब चर्चा में आई थीं जब उनका बलात्कार करने वाले 70 लोगों को कोर्ट ने सज़ा सुनाई थी। जिसेल को उनके पति नशीला पदार्थ देकर बेहोश कर देते थे और बेहोशी की हालत में अनजान पुरुषों से उनका रेप करवाते थे। जिसेल यौन हिंसा के खिलाफ अभियान में एक वैश्विक आइकन बन चुकी हैं।





