नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर मुख्यमंत्री पद को लेकर कयासबाजी तेज हो गई है। सत्तारूढ़ कांग्रेस में सब कुछ सामान्य होने के दावों के बावजूद सत्ता परिवर्तन की चर्चाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अब कांग्रेस के रामनगर से विधायक इकबाल हुसैन ने एक बार फिर दावा किया है कि उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार जनवरी के पहले हफ्ते में मुख्यमंत्री बनेंगे। इकबाल हुसैन को डीके शिवकुमार का करीबी समर्थक माना जाता है। उन्होंने पहले भी यह कहा था कि 6 या 9 जनवरी को कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदले जाएंगे। सोमवार को उन्होंने अपने इस बयान को दोहराते हुए कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि शिवकुमार को सत्ता मिलेगी।
विधायक ने 200 फीसदी भरोसे का दावा किया
रामनगर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए इकबाल हुसैन ने कहा,“200 फीसदी डीके शिवकुमार 6 या 9 जनवरी को मुख्यमंत्री बनेंगे। कुछ लोग ऐसे होते हैं जो भविष्य की बातें सही बता देते हैं। मैंने उन्हीं से सुनकर यह तारीख बताई है। मुझे भगवान पर भरोसा है। जब उनसे पूछा गया कि क्या कांग्रेस आलाकमान की मंजूरी मिल चुकी है, तो उन्होंने कहा कि अगर कोई समझौता नहीं होता, तो नेता इस तरह की बात क्यों कहते।
सत्ता-साझेदारी समझौते की फिर चर्चा
कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने की अटकलों को साल 2023 में हुए कथित सत्ता-साझेदारी समझौते से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जाता है कि चुनाव के बाद सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री कार्यकाल को लेकर सहमति बनी थी। 20 नवंबर को कांग्रेस सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल का आधा समय पूरा कर लिया, इसके बाद से ही नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
सिद्धारमैया का साफ बयान
इन अटकलों के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पहले ही साफ कर चुके हैं कि वह पद छोड़ने वाले नहीं हैं। उन्होंने 19 दिसंबर को विधानसभा में कहा था कि वह मुख्यमंत्री बने रहेंगे और कांग्रेस आलाकमान “मेरे पक्ष में” है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगले ढाई साल तक उनके पद पर बने रहने को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है। हालांकि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री दोनों यह कह चुके हैं कि सरकार में सब कुछ ठीक है, लेकिन बार-बार आ रहे बयानों से साफ है कि कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर खींचतान अभी खत्म नहीं हुई है।





