नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। कर्नाटक हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की याचिका को खारिज कर दिया है। कर्नाटक हाईकोर्ट ने MUDA जमीन आवंटन घोटाला मामले में सिद्धारमैया के खिलाफ केस चलाने की बात कही है। दरअसल कर्नाटक हाईकोर्ट में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमे राज्यपाल ने सीएम सिद्धारमैया के खिलाफ मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण(MUDA)की जमीन आवंटन घोटाला मामले में जांच को मंजूरी दे दी थी।
अब लोकायुक्त की जांच कभी भी शुरू हो सकती है
अब कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ लोकायुक्त की जांच कभी भी शुरू हो सकती है। लेकिन दूसरे पक्ष के वकील ने कहा है कि अगर MUDA जमीन आवंटन घोटाला मामले में लोकायुक्त की कार्रवाई ठीक से नहीं हुई तो वे इस मामले में CBI जांच की मांग करेंगे।
लेकिन ऐसा होना इतना आसान नहीं है
मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री सिद्धारमैया कर्नाटक हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ अब 25 सितंबर 2024 को हाईकोर्ट में ही डबल बेंच के सम्मुख अपील कर सकते हैं और इस याचिका की सुनवाई पूरी होने तक जन प्रतिनिधि कोर्ट में सुनवाई पर रोक लगाने के लिए अपील कर सकते हैं। अगर कर्नाटक हाईकोर्ट की डबल बेंच इस याचिका को सुनवाई के लिए अपनी स्वीकृति दे देती है तो सीएम सिद्धारमैया को राहत मिलने की संभावना है। लेकिन ऐसा होना इतना आसान नहीं है। क्योंकि ये मामला भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ कुछ दिनों में FIR दर्ज हो सकती है
कर्नाटक हाईकोर्ट ने 24 सितंबर 2024 को जो आदेश दिए हैं, उसकी प्रति एक-दो दिन में जनप्रतिनिधि कोर्ट को मिल जाएगी। ऐसे में जनप्रतिनिधि कोर्ट मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ MUDA जमीन आवंटन घोटाला मामले में केस दर्ज करने के लिए आदेश जारी कर सकता है। जिसके बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ कुछ दिनों में FIR दर्ज हो सकती है। मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार कोर्ट के आदेश के बाद इस मामले में लोकायुक्त पुलिस या कर्नाटक पुलिस इस जमीन घोटाले की जांच कर सकती है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अगर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को कर्नाटक हाईकोर्ट की डबल बेंच से भी राहत नहीं मिलती है तो वह सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले के खिलाफ अपनी याचिका दायर करेंगे।




