नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने एक बार फिर सीएम नीतीश कुमार पर बड़ा बयान दिया है, जिससे बिहार की सियासत में काफी चर्चा की जा रही है। लालू यादव सीएम नीतीश बाबू के साथ सरकार चलाने के लिए राजी है। 01 जनवरी यानी बुधवार को लालू ने इस मामले में ये बात कह कर एक बार फिर सूबे की राजनीति गर्म कर दी है। ऐसे में सवाल है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू (JDU) का क्या रुख हैं ? JDU का लालू के इस बयान पर क्या राय रखते है? केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने आज यानी गुरुवार को लालू के बयान का तगड़ा जवाब दिया है और इस संबंध में पार्टी का रुख साफ कर दिया है।
ललन सिंह ने दिया लालू के बयान का जवाब
पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में इस संबंध में सवाल पूछा गया तो केंद्रीय मंत्री ललन सिंह अपनी प्रतिक्रिया दी। जेडीयू के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री ने ललन सिंह ने कहा, “छोड़िए न लालू जी क्या बोलते हैं क्या नहीं… ये लालू जी से जाकर पूछिए। हम लोग NDA में हैं और इसी में हम मजबूती से खड़े हैं।” वहीं इस तेजस्वी यादव के नए साल में नई सरकार बनाने वाले बयान पर भी प्रतिक्रिया ली, तो इस पर ललन सिंह ने कहा, “छोड़िए न, कौन क्या बोलता है उस पर हम प्रतिक्रिया देते रहें?”
तेजस्वी बोले- ‘नए साल में बनेगी नई सरकार’
बता दें कि एक तरफ RJD सुप्रीमो लालू यादव ने सीएम नीतीश कुमार को न्योता दिया तो वहीं दूसरी और बेटे तेजस्वी यादव भी नए साल में नई सरकार बनाने का दावा ठोक चुके हैं। हालांकि, तेजस्वी यादव इससे पहले अपने बयान में कई बार कह चुके हैं कि नीतीश कुमार के साथ अब वो दोबारा नहीं जाने वाले हैं। ये राजनीति है यहां कुछ भी संभव है। तेजस्वी भले दरवाजा बंद कर चुके हैं लेकिन राजनीतिक विशेषज्ञ मानते है कि RJD में अभी भी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का फैसला ही सर्वोपरि माना जाता है।
बीजेपी ने दी प्रतिक्रिया
लालू यादव के न्योते वाले बयान पर बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है उन्होने कहा है कि, सीएम नीतीश जी, लालू बाबू की रग-रग से वाकिब हैं। कैसे उन्होंने बिहार को बरबाद किया है? लालू यादव को अब डर सताने लगा है कि NDA ने लोकसभा चुनाव में तगड़ी पटखनी दी है तो ये फिर से चुनाव में हरा देंगें।
लालू यादव के खास और RJD विधायक भाई वीरेंद्र ने 24 दिसंबर को नीतीश कुमार को लेकर एक बयान दिया था। कहा कि, राजनीति में कोई किसी का दोस्त और ना ही कोई कट्टर दुश्मन होता है। अगर नीतीश बाबू सांपद्रायिक शक्तियों को त्याग आकर आएंगे तो हम उनका स्वागत करेंगे। उन्होंने आगे कहा, राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है। हालांकि, उनके इस बयान के कुछ दिन बाद ही सीएम ने ऑफर को ठुकरा दिया था।




