नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । मशहूर लेखक और गीतकार जावेद अख्तर ने अफगानिस्तान के तालिबानी विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी के उत्तर प्रदेश के देवबंद में हुए भव्य स्वागत पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। अख्तर ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि “तालिबान के प्रतिनिधि को जिस तरह से सम्मान और रिसेप्शन दिया गया, मेरा सिर शर्म से झुक जाता है।”
जावेद अख्तर ने कहा कि यह वाक्या बेहद चिंताजनक है। उन्होंने लिखा कि दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकी संगठनों के सदस्य को सम्मान देना, यह दर्शाता है कि समाज में प्राथमिकताएं किस दिशा में बदल रही हैं। जावेद अख्तर ने अपने बयान में दारुल उलूम देवबंद का भी जिक्र किया और कहा कि यह वही संस्था है जो हमेशा आतंकवाद और हिंसा के खिलाफ खड़े होने की मिसाल रही है, लेकिन अब “अपने इस्लामी हीरो” का भव्य स्वागत कर रही है। उन्होंने इस पर भी सवाल उठाया कि वही व्यक्ति, जिसने अफगानिस्तान में लड़कियों की शिक्षा पर प्रतिबंध लगाया, उसे सम्मान देना किस तरह का संदेश देता है।
जावेद अख्तर के बयान पर छिड़ी बहस
जावेद अख्तर ने अपने एक्स पोस्ट में भारतीय नागरिकों से सवाल किया “हमारे साथ क्या हो रहा है?” उनके इस बयान के बाद मीडिया और सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है। कई लोगों ने जावेद अख्तर के विचारों का समर्थन करते हुए कहा कि तालिबान जैसे आतंकी संगठन से जुड़े व्यक्ति का स्वागत भारतीय मूल्यों के खिलाफ है, जबकि कुछ लोगों ने इसे धार्मिक और कूटनीतिक दृष्टिकोण से सही ठहराने की कोशिश की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों पर रोक लगाने की खबर से मचा बवाल
तालिबानी विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी की भारत यात्रा कई कारणों से सुर्खियों में रही। उनकी नीतियों, खासकर महिला अधिकारों और शिक्षा को लेकर दुनिया के कई देशों में पहले से ही आलोचना होती रही है। इस बीच, उनकी यात्रा के दौरान यह खबर सामने आई कि मुत्तकी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। इस दावे ने सोशल मीडिया पर तेजी से तूल पकड़ लिया और आलोचना शुरू हो गई। हालांकि बाद में आयोजन से जुड़े अधिकारियों की ओर से सफाई दी गई कि महिला पत्रकारों पर किसी तरह की रोक नहीं लगाई गई थी।




