नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को इंडिया गठबंधन में रहते हुए जो मोमेंटम मिला था वो हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नजदीक आते आते खत्म हो गया। रही सही कसर दिल्ली विधानसभा चुनाव में पूरी हो गई। अब कांग्रेस के लिए केरल से भी अच्छे संकेत नहीं मिल रहे हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता शशि थरूर इन दिनों पार्टी में अपने रोल का साफ करना चाहते हैं। वह राहुल गांधी से मुलाकात कर इसपर चर्चा भी कर चुके हैं लेकिन उन्हें कोई भरोसा मिलता हुआ नहीं दिखाई दिया।
शशि थरूर ने PM मोदी की तारीफ की
केरल से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की थी। हाल ही में पीएम मोदी ने अमेरिका की यात्रा की थी और राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप ने मुलाकात की थी। उनके इस दौरे की शशि थरूर ने तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि इस मुलाकात के परिणाम अच्छे होंगे। भारत की वैश्विक स्थिति इस बात से पता चलती है कि अमेरिकी राष्ट्रपति से मुलाकात करने वाले पीएम मोदी चौथे नेता हैं। थरूर के इस बयान के बाद राहुल गांधी ने उन्हें तलब किया था। राहुल गांधी से मुलाकात कर बाहर निकले शशि थरूर ने यह कह दिया था कि अगर पार्टी को मेरी जरूरत नहीं है तो मेरे पास अन्य विकल्प भी हैं। इसके बाद कयास लगने लगे थे कि वह कांग्रेस से किनारा कर सकते हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव में भी अलग थलग थे शशि थरूर
कांग्रेस अध्यक्ष के लिए भी शशि थरूर ने चुनाव लड़ा था। उस दौरान भी मल्लिकार्जुन खड़गे को उनसे ज्यादा समर्थन मिला था। शशि थरूर अब पार्टी में अपनी अनदेखी की बात करते हुए कह रहे हैं कि पार्टी में उनकी भूमिका स्पष्ट की जानी चाहिए। अब 2026 के केरल चुनाव से पहले नेतृत्व की जरूरत बता इसके लिए सर्वे में लोकप्रियता के आधार पर अपनी दावेदारी भी ठोक दी है। अब दोनों के बीच की ये टेंशन कहां खत्म होती है इसकी बारे में कहना मुश्किल है।





