नई दिल्ली, 30 जून (आईएएनएस)। देश के वीरता पुरस्कार विजेताओं का एक इंटरैक्टिव वर्चुअल संग्रहालय रक्षा मंत्रालय, भारतीय रक्षा निर्माताओं की सोसायटी (एसआईडीएम) और भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की मदद से तैयार किया जाएगा। मंत्रालय ने बुधवार को देश के वीरता पुरस्कार विजेताओं के वीरतापूर्ण कार्यो का सम्मान करने के उद्देश्य से इंटरैक्टिव आभासी संग्रहालय बनाने के लिए एक परियोजना शुरू की। मंत्रालय सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्च र्स (एसआईडीएम) और भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के साथ साझेदारी में बिना किसी वित्तीय प्रभाव के परियोजना को लागू करेगा। इस आशय का अनुमोदन पत्र बुधवार को नई दिल्ली में रक्षा सचिव अजय कुमार ने एसआईडीएमए के अध्यक्ष जयंत डी. पाटिल को सौंपा। इस परियोजना के जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है। आभासी संग्रहालय की मेजबानी वीरता पुरस्कार पोर्टल (एचटीटीपीएस://डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट गैलेंटरी अवार्डस डॉट गॉव डॉट इन/) द्वारा की जाएगी। यह गैलरी बिल्डिंग, वॉल ऑफ फेम, अवार्डी गैलरी के माध्यम से उनकी तस्वीरों और प्रोफाइल के साथ, युद्ध स्मारकों का दौरा और बहादुरी की कहानियों की मेजबानी करने वाले एक सभागार द वॉर रूम के माध्यम से एक 3डी वॉक-थ्रू अनुभव देगा। संग्रहालय में एनीमेशन वीडियो की एक श्रृंखला शामिल होगी जो युद्ध नायकों की वीरतापूर्ण कहानियों को जीवंत करेगी। इसके अलावा, आगंतुकों के लिए श्रद्धांजलि संदेश पोस्ट करके उन्हें श्रद्धांजलि देने की सुविधा होगी। इस अवसर पर रक्षा सचिव ने कहा कि यह पहल वीरता पुरस्कारों के विजेताओं के वीर कार्यो को जीवंत करने में योगदान देगी और देश को आंतरिक और बाहरी खतरों से बचाने में उनके अपार योगदान और अदम्य भावना को स्वीकार करेगी। उन्होंने कहा कि यह एक आभारी राष्ट्र को देश के बहादुरों को श्रद्धांजलि देने में सक्षम बनाएगा और राष्ट्र की सेवा में उनकी वीरता के कार्यो के लिए एक उचित श्रद्धांजलि होगी। रक्षा सचिव ने कहा कि यह परियोजना अपनी तरह का पहला साइबर संग्रहालय होगा जो युद्ध नायकों का सम्मान करेगा, इस बात पर जोर देते हुए कि यह देशवासियों, विशेष रूप से युवाओं को राष्ट्र की सेवा करने के लिए प्रेरित करने के लिए वीरता पुरस्कार पोर्टल के मूल्य में वृद्धि करेगा। परियोजना का उद्देश्य सशस्त्र बलों के कर्मियों के परिवारों के प्रति आभार व्यक्त करना और उनके प्रति राष्ट्र के सम्मान को व्यक्त करना है। जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए पाटिल ने इस प्रतिष्ठित और अनूठी परियोजना के लिए एसआईडीएम को चुनने के लिए रक्षा सचिव को धन्यवाद दिया, जो सशस्त्र बलों को सम्मानित करेगा। उन्होंने कहा कि यह भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ और 1971 के युद्ध की 50वीं वर्षगांठ के साथ मेल खाता है और सशस्त्र बलों का सम्मान करने का सबसे अच्छा तरीका है। उन्होंने कहा कि एसआईडीएम इसके बाद परियोजना के तेजी से कार्यान्वयन की दिशा में काम करेगा और नियमित आधार पर प्लेटफॉर्म में सुधार करना जारी रखेगा। –आईएएनएस एसजीके/एएनएम




