नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । फरार बदमाशों को ढूंढने के लिए एक ओर पुलिस द्वारा जहां हजारों-लाखों रुपए के इनाम की घोषणा होती है तो वहीं दूसरी ओर इंदौर पुलिस ने दो फरार बदमाशों पर सिर्फ एक रुपए का इनाम रखा है। इसके पीछे की वजह जानने के लिए पढें यह पूरी खबर।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि बदमाशों के खौफ को कम करने के लिए इस तरह का प्रयास किया गया है। हजारों रुपए का इनाम घोषित होने पर बदमाश खुद को बड़ा बदमाश बता कर लोगों में खौफ पैदा करते थे। इंदौर पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि दो अलग-अलग मामलों में फरार बदमाशों पर 1-1 रुपये का इनाम घोषित किया गया है। इन बदमाशों के पोस्टर जारी कर उनकी तस्वीरों को सार्वजनिक किया गया है।
पहला मामला अर्जुन माली हत्याकांड से जुड़ा है। पहले केस में गवाह को धमकाने वाले आरोपी सौरभ पर 1 रुपये का इनाम है। सौरभ ने अपने साथी शानू सागर के साथ मिलकर अर्जुन माली की हत्या की थी। अर्जुन माली खुद भी एक अपराधी है। इस हत्याकांड मामले में उसका दोस्त गवाह बना था। पुलिस ने शानू को उसी रात गिरफ्तार कर लिया लेकिन सौरभ फरार है। पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी है ।
वहीं दूसरा मामला सदर बाजार इलाके का है, जहां तबरेज नाम के युवक ने एक युवक को चाकू मारकर मौत के घाट उतार दिया था। जूना रिसाला में रहने वाला तरबेज इस घटना के बाद से फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में भी तबरेज पर 1 रुपये का इनाम घोषित किया है।
बदमाशों का खौफ कम करना है मकसद
DCP विनोद मीणा ने कहा कि इन बदमाशों पर 1 रुपये का इनाम सांकेतिक रूप से रखा गया है ताकि यह संदेश दिया जा सके कि कानून के सामने अपराधियों का कोई डर नहीं है। हजारों रुपए का इनाम घोषित होने पर बदमाश खुद को बड़ा बदमाश बता कर लोगों में खौफ पैदा करते थे। इनाम छोटा है लेकिन इन बदमाशों को पकड़ने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है।





