नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। इंडिगो एयरलाइंस के लगातार उड़ानें रद्द होने के बाद देशभर में हवाई किराए आसमान छूने लगे थे। दूसरी एयरलाइनों ने अचानक कई गुना ज्यादा किराया वसूलना शुरू कर दिया था। इससे परेशान यात्रियों को राहत देते हुए अब नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने एयर फेयर पर सीमा (Fare Limit) लागू कर दी है और अब सभी एयरलाइंस को तय की गई कीमतों के अनुसार ही टिकट बेचने होंगे।
सरकार करेगी एयर फेयर की रियल-टाइम मॉनिटरिंग
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि अब सभी उड़ानों के किराए पर रियल-टाइम निगरानी होगी जो भी एयरलाइन तय सीमा से ज्यादा किराया वसूलेगी उसके खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की जाएगी सरकार ने कहा है कि ये नियम स्थिति सामान्य होने तक लागू रहेंगे, ताकि यात्रियों को महंगाई से राहत मिल सके।
IndiGo संकट के बाद बेकाबू हुए थे हवाई किराए
इंडिगो की बड़ी संख्या में फ्लाइट्स रद्द होने के बाद दूसरे एयरलाइंस ने किराया कई गुना बढ़ा दिया था। हालत ये हो गई थी कि इंडिगो की उड़ाने रद्द होने के बाद दूसरी एयरलाइंस का किराया आसमान पर पहुंच गया है। जैसे दिल्ली से मुंबई का आम दिनों में किराया 6 हज़ार रुपए होता है, लेकिन वो अभी करीब 70 हजार है। दिल्ली से पटना तो आम तौर पर 5 हज़ार होता है। वो किराया 60 हजार पर पहुंच गया है। दिल्ली से बेंगलुरू का किराया, जो सामान्य तौर पर 7 हज़ार होता है वो 1 लाख से भी ज़्यादा है. इसके अलावा दिल्ली से चेन्नई का फ्लाइट का किराया 90 हजार, दिल्ली से कोलकाता का किराया 68 हज़ार के कारीब है। इतने महंगे टिकटों से आम यात्रियों की कमर टूट गई थी। इंडिगो की उड़ानों का रद्द होना अभी भी जारी है। पांचवें दिन भी बड़ी संख्या में फ्लाइट्स कैंसिल की गई है।





