नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। भारतीय नौसेना का एयरक्राफ्ट P8I फ्रांस की नौसेना के साथ वरुण अभ्यास में भाग लेने के लिए फ्रांस पहुंच गया है। यूरोप में तैनात होने वाला यह पहला एयरक्राफ्ट है। खास बात है कि 63 सालों के बाद कोई भारतीय एयरक्राफ्ट फ्रांस पहुंचा है। इससे पहले नौसेना का एलीजे एयरक्राफ्ट फ्रांस आया था।
Mediterranean sea में होगा अभ्यास
फ्रांस और भारत की नौसेना के बीच यह वरुण अभ्यास 2-4 सितंबर को Mediterranean sea में होगा। भारतीय नेवी के प्रवक्ता ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि फ्रांस के सहयोग से एक ऊंची उड़ान भरते हुए भारतीय नेवी का P8I एयरक्राफ्ट वरुण अभ्यास के लिए फ्रांस पहुंचा है।
इससे पहले कब हुई थी एक्सरसाइज
इससे पहले 1993 में पहली बार फ्रांस और भारत के बीच नेवल एक्सरसाइज हुई थी। इसके बाद 2001 में इसे वरुण नाम दे दिया गया। इस अभ्यास से दोनों नौसेनाओं को एक दूसरे से कुछ सीखने का मौका मिलता है।
भारत-फ्रांस समन्वय में सुधार के उद्देश्य से वरुण अभ्यास शुरू हुआ। यह क्रॉस-डेक संचालन, समुद्र में सूचना साझा करने जैसी क्षमताओं को भी बढ़ाएगा। भारतीय नौसेना ने कहा कि वे दुनिया भर की नौसेनाओं के साथ साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने किया पोस्ट
भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने लिखा, “भारत-फ्रांस सहयोग में ऊंची उड़ान! #भारतीयनौसेना का पी-8आई विमान एयर बेस 125 इस्ट्रेस-ले ट्यूब पर उतरा, जो 22वें संस्करण के लिए यूरोप में अपनी पहली तैनाती का प्रतीक है।”
फ्रांसीसी नौसेना के साथ वरुण अभ्यास। यह तैनाती आईएनएस विक्रांत से संचालित होने वाले भारतीय नौसेना के अलिज़े विमान के 63 साल बाद हुई है, जिसने आखिरी बार हाइरेस एयरबेस पर उड़ान भरी थी। यह उन्नत सामरिक अभ्यास हमारी नौसेनाओं के बीच गहरे तालमेल और आपसी सम्मान को रेखांकित करता है।




