नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। भारत और पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशक (DGMO) आज दोपहर 12 बजे हॉटलाइन पर बातचीत करने वाले हैं। यह बातचीत हाल ही में घोषित किए गए युद्धविराम (सीजफायर) को और अधिक प्रभावी और मजबूत बनाने के लिए की जा रही है। यह मीटिंग ऐसे समय हो रही है जब दोनों देशों के बीच हाल ही में सैन्य तनाव काफी बढ़ गया था। 7 मई से 10 मई के बीच सीमावर्ती इलाकों में तोपखाने और ड्रोन हमलों जैसी गंभीर घटनाएं सामने आई थीं, जिनमें पाकिस्तान के 40 सैनिक मारे गए। इसके बाद 10 मई को दोनों देशों ने जमीन, पानी और हवा में सैन्य कार्रवाइयों को रोकने का निर्णय लिया था।
Oeration Sindoor : भारत की जवाबी कार्रवाई
भारत ने पहल़गाम आतंकी हमले के बाद एक बड़ा सैन्य अभियान चलाया जिसे “ऑपरेशन सिंदूर” नाम दिया गया। इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सेना ने पीओके और पाकिस्तान में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया और लगभग 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया, जिनमें प्रमुख आतंकी यूसुफ अजहर, अब्दुल मलिक रऊफ और मुदासिर अहम शामिल थे। इसके अलावा, भारतीय हमलों ने पाकिस्तान के 11 एयरबेस को भी नष्ट कर दिया, जिससे उसकी सैन्य ताकत को बड़ा नुकसान पहुंचा।
सीजफायर के बावजूद उल्लंघन की घटनाएं जारी
हालांकि, सीजफायर समझौते के तुरंत बाद भी जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों में भारी गोलाबारी और ड्रोन गतिविधियों की सूचना मिली। भारतीय सेना ने इन हरकतों का “पर्याप्त और उचित” जवाब देने की बात कही है।
DGMO वार्ता से क्या उम्मीद?
इस वार्ता से उम्मीद की जा रही है कि दोनों पक्ष युद्धविराम की शर्तों को और मजबूती देंगे सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे भविष्य में टकराव से बचने के लिए आपसी सहमति बनाई जाएगी सूत्रों के अनुसार, DGMO मीटिंग के बाद तीनों सेनाओं के प्रतिनिधि लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई (सेना), वाइस एडमिरल ए एन प्रमोद (नौसेना) और एयर मार्शल ए के भारती (वायुसेना) एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस भी कर सकते हैं। इसमें हालिया सैन्य कार्रवाइयों और सीजफायर पर विस्तार से जानकारी दी जाएगी। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने पुष्टि की है कि DGMO स्तर की यह बातचीत 12 मई दोपहर 12 बजे होगी और सभी पक्षों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि समझौते को पूरी तरह लागू किया जाए। सीजफायर और क्षेत्रीय शांति के लिहाज से यह बातचीत बेहद अहम मानी जा रही है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि बातचीत के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम होता है या नहीं।





