नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । यूपी के गोरखपुर में NEET छात्र की हत्या के मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। पुलिस ने इस हत्याकांड के एक आरोपी का हाफ एनकाउंटर किया है। बताया जा रहा है कि आरोपी रहीम, जो एक गौ तस्कर है, एनकाउंटर में पुलिस ने उसके पैर पर गोली मारी। बता दें कि 19 वर्षीय दीपक गुप्ता, जो NEET की तैयारी कर रहा था, उसकी हाल ही में पशु तस्करों द्वारा बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस जघन्य वारदात के बाद इलाके में तनाव और भारी जनआक्रोश देखा गया था। घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस पुलिस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते दी है।
चार आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश जारी
गोरखपुर के SSP राज करण नायर ने हत्याकांड में अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी रहीम को गोरखपुर की पिपराइच पुलिस और कुशीनगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान एक मुठभेड़ में गोली लगी, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया। SSP के अनुसार, अब तक इस मामले में कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एक अन्य आरोपी अजब हुसैन को ग्रामीणों ने पकड़ लिया था, जिसे घायल हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा दो अन्य आरोपियों छोटू और राजू को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। एसएसपी नायर ने बताया कि घटना में शामिल अन्य दो फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और मामले की जांच अभी जारी है।
गोरखपुर एनकाउंटर पर अखिलेश यादव का हमला
गोरखपुर में हुए एनकाउंटर को लेकर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जब कल एक अधिकारी लखनऊ से गोरखपुर भेजा गया, तभी एनकाउंटर तय हो गया था। एनकाउंटर से लॉ एंड ऑर्डर ठीक नहीं होगा। अखिलेश ने सरकार पर जातिवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर आप स्वजातीय लोगों को थाने देंगे तो कानून व्यवस्था कैसे ठीक होगी? अपनी नाकामी छिपाने के लिए ये लोग एनकाउंटर करते हैं। ये सब दिखावा है।
गोरखपुर में क्या हुआ था ?
घटना सोमवार देर रात लगभग 12:30 बजे की है, जब तीन गाड़ियों में सवार पशु तस्कर गोरखपुर के एक गांव में मवेशी चोरी के इरादे से पहुंचे थे। गांव का 19 वर्षीय छात्र दीपक गुप्ता, जो NEET की तैयारी कर रहा था, उसने तस्करों की गतिविधि देख शोर मचाया और उनका पीछा करने लगा। इस दौरान तस्करों ने दीपक को जबरन एक डीसीएम वाहन में बैठा लिया और करीब एक घंटे बाद उसे चलती गाड़ी से फेंक दिया। गंभीर चोटों की वजह से दीपक की मौके पर ही मौत हो गई। आरोपियों ने उसके शव को गांव से करीब 4 किलोमीटर दूर फेंक दिया था। इस नृशंस वारदात के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होने लगे।




