नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। भारतीय रेलवे ने 11 अगस्त 2024 को कांग्रेस के उस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है, जिसमे कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में एक मालगाड़ी डिरेल होने को लेकर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पर जोरदार हमला बोला था। कांगेस ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को रील मंत्री तक बता डाला था। कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर उस समय पटरी से उतरी एक मालगाड़ी का वीडियो साझा किया था और उसको लेकर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पर निशाना साधा था।
लोकोमोटिव भारतीय रेलवे का नहीं है
कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पर निशाना साधते हुए लिखा था कि “रील मंत्री, उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में एक मालगाड़ी डिरेल हो गयी है, इसको भी छोटी घटनाओं में जोड़ लीजिएगा।” इस मामले को लेकर भारतीय रेलवे ने कहा है कि “लोकोमोटिव भारतीय रेलवे का नहीं है, यह ट्रैक भारतीय रेलवे के बुनियादी ढांचे का हिस्सा नहीं है, और वैगन का स्वामित्व भी भारतीय रेलवे के पास नहीं है।”
भारतीय रेल मंत्रालय की इस पोस्ट के बाद कांग्रेस भाजपा के निशाने में आ गयी है
बता दें कि यह जानकारी भारतीय रेल मंत्रालय ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर दी है। वहीं भारतीय रेल मंत्रालय की इस पोस्ट के बाद कांग्रेस भाजपा के निशाने में आ गयी है। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने रेलवे मंत्रालय की इस पोस्ट को शेयर करते हुए अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा है कि “रेल मंत्रालय का आधिकारिक हैंडल कांग्रेस तथ्य की जाँच करता है। यह एक नया निचला स्तर होना चाहिए। लेकिन तीसरी बार असफल राहुल गांधी के नेतृत्व में, कोई भी निचला स्तर पर्याप्त नहीं है।” रेल मंत्रालय के इस फैक्ट चेक ने कांग्रेस को एक सीख जरुर दी होगी कि बिना किसी वैध प्रमाण के इस तरह से सोशल मीडिया में पोस्ट नहीं करना चाहिए और न ही इसको लेकर कोई बयान देना चाहिए।”
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