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Sunday, March 15, 2026
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भारत-पाक में युद्ध हुआ तो क्या आम नागरिक भी लड़ सकता है जंग? जान लें नियम

दोनों देशों के बीच चल रहे इस तनातनी वाले माहौल के बीच क्‍या आम नागरिक भी इस कार्रवाई या युद्ध लड़ने के लिए शामिल हो सकते है।

नई दिल्‍ली, रफ्तार डेस्‍क । भारत और पाकिस्तान तनाव के बाद अब दोनों देशों की सेना आमने-सामने आ गई है। भारत ने पहलगाम हमले का बदला लेने के लिए ऑपरेशन सिंदूर किया था जिसमें भारतीय वायुसेना ने पाकिस्‍तान और पीओके में कई आतंक के ठिकानों को निशाना बनाया। भारत के इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान की सेना की तरफ से भारत के कुछ हिस्सों में भारी गोलीबारी और ड्रोन से हमले किए हैं।  

दोनों देशों के बीच चल रहे इस तनातनी वाले माहौल के बीच क्‍या आम नागरिक भी इस कार्रवाई या युद्ध लड़ने के लिए शामिल हो सकते है। चलिए आपको बताते हैं कि अगर भारत-पाकिस्तान में युद्ध हुआ तो क्या आम आदमी भी जंग लड़ सकता है। 

क्या पहले कभी ऐसा हुआ है?

अभी तक इतिहास देखे तो युद्ध में सेना ही आमने सामने होती रही है। जंग में जो जीतता है वह आगे बढ़कर दुश्मन के हिस्सों पर अपना कब्जा कर लेता है। हालांकि, साल 1971 की जंग में भारतीय सेना के साथ भारत के लोग भी कंधे से कंधा मिलाकर इस युद्ध में शामिल हुए थे। भारत के कई गांव ऐसे रहे हैं जहां के आम नागरिकों ने भी 1965 और 1971 की जंग में शामिल होकर दुश्‍मन देश को घुटनों पर ला दिया था। उस दौरान गांव वाले सेना के जवानों के लिए नाश्ता तैयार करके भेजते थे। उस दौरान भी कई लोगों ने सेना की मदद की थी। 

क्या ऐसा कोई है नियम?

युद्ध के समय कई देशों की सेना की संख्‍या कम हो जाती है। दुश्मन की सेना मजबूती से लड़ती है, तो ऐसे में वहां की सरकार खुली भर्ती का आयोजन करती है और आम लोगों को भी जंग में शामिल होने का ऑफर देती है। जैसे मौजूदा समय में रूस में आम लोगों को यूक्रेन के साथ जारी जंग में शामिल होने के लिए कहा जा रहा है, उनको ट्रेनिंग के बाद सीधे यूक्रेन के साथ जंग पर भेजा जा रहा है। 

बताा दें कि, अभी तक भारत और पाक के बीच जंग में लोग सेना के साथ खड़े होते है। लोगों ने कभी पाक की सेना के साथ सीधी जंग नहीं लड़ी है। हालांकि, ऐसे में अगर सरकार की मंशा रही तो वह आम आदमी को भी जंग में शामिल कर सकती है। लेकिन जबरदस्ती लोगों को लड़ने के लिए नहीं भेज सकती है।

क्‍या आम आदमी भी लड़ सकता है जंग ?

किसी भी देश का आम नागरिक या तो सेना की खुली भर्ती शामिल होकर दुश्मन के साथ जंग लड़ सकता है, या फिर देश के अंदर रहकर सरकार का साथ देकर दुश्मन के साथ जारी जंग में उसे हरा सकता है। इसके साथ वह मेडिकल सपोर्ट, लॉजिस्टिक्स , साइबर सुरक्षा और राहत और पुनर्वास कार्य के जरिए वह अपनी सेवा दे सकता है।

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