back to top
33.1 C
New Delhi
Tuesday, March 10, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

मायावती के मुरीद हुए PM मोदी के साथी, कहा-“अगर बने दलित गठबंधन, तो मायावती को करना चाहिए नेतृत्व”

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि दलित समाज के हित में कोई गठबंधन बनता है, तो BSP प्रमुख मायावती को उसका नेतृत्व करना चाहिए।

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क । उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल बढ़ाते हुए केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के अध्यक्ष रामदास आठवले ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने देशभर में बिखरी दलित राजनीति को एकजुट करने की पैरवी करते हुए कहा कि यदि भविष्य में दलित दलों का कोई गठबंधन बनता है, तो उसका नेतृत्व बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती को सौंपा जाना चाहिए। 

रामदास आठवले का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब देश में सामाजिक न्याय की राजनीति एक बार फिर चर्चा में है और विपक्षी दलों का INDIA गठबंधन इस मुद्दे को केंद्र में रखकर भाजपा को घेरने की कोशिश कर रहा है। खासकर राहुल गांधी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव जैसे नेता सामाजिक न्याय, जातीय गणना और आरक्षण जैसे मुद्दों को जोर-शोर से उठा रहे हैं।

दलित राजनीति को एकजुट करने की वकालत

रामदास आठवले ने देश में बिखरी दलित राजनीति को एकजुट करने की जरूरत पर जोर दिया है। उनका कहना है कि अब वक्त आ गया है जब दलित राजनीति के विभिन्न धड़े एक मंच पर आएं। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर भविष्य में दलित राजनीतिक दलों का कोई गठबंधन बनता है, तो उसका नेतृत्व बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती को करना चाहिए। 

रामदास आठवले ने मायावती को एक अनुभवी और मजबूत राजनीतिक नेता बताया और कहा कि उनके पास नेतृत्व करने की पूरी क्षमता है। साथ ही उन्होंने देश में दलितों की वर्तमान स्थिति को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि आरक्षण और संवैधानिक अधिकारों के बावजूद आज भी कई इलाकों में दलितों के साथ भेदभाव और अन्याय की घटनाएं सामने आ रही हैं। मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में रामदास आठवले ने कहा कि संविधान ने दलितों को अधिकार जरूर दिए हैं, लेकिन समाज का बड़ा हिस्सा आज भी अपने हक के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही कांग्रेस और भाजपा जैसे दलों में दलित नेता हों, लेकिन दलित समाज को अपनी आवाज को प्रभावशाली बनाने के लिए राजनीतिक रूप से एकजुट होना होगा।

भाजपा के साथ गठबंधन की बतायी वजह

2016 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ गठबंधन के फैसले पर बोलते हुए रामदास आठवले ने कहा कि उन्हें विश्वास था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दलित समाज के लिए गंभीरता से काम करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने दलित समुदाय के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं, जो उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। रामदास आठवले ने भाजपा के साथ अपनी साझेदारी को एक सकारात्मक निर्णय बताते हुए कहा कि यह गठबंधन दलित समाज के व्यापक हितों को ध्यान में रखकर किया गया था। उनके अनुसार, यह निर्णय सामाजिक न्याय और समावेशिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

Advertisementspot_img

Also Read:

UP Politics: कांशीराम जयंती पर शक्ति प्रदर्शन करेगी BSP, मायावती कर सकती हैं चुनावी शंखनाद

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश चुनावों के मद्देनजर बहुजन समाज पार्टी मैदान में उतरने का प्लान बना चुकी है। BSP 15 मार्च को कांशीराम...
spot_img

Latest Stories

किसी भी जनसभा में उड़ा दूंगा…’ BJP विधायक नंदकिशोर गुर्जर को जान से मारने की धमकी

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। गाजियाबाद के लोनी से बीजेपी विधायक...

कार्तिक आर्यन से आर माधवन तक ये सेलेब्स पहले थे इंजीनियर, फिर यू बन गए स्टार्स

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। हिंदी सिनेमा में आज के...