नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली (Shimla Sanjauli Masjid Protest) में मस्जिद के कथित निर्माण को लेकर हिंदू संगठनों के द्वारा लगातार प्रदर्शन किया जा रहा है। आज बुधवार को भी हिंदू संगठनों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर मस्जिद की तरफ जाने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों के मस्जिद की तरफ बढ़ते देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर उनको खदेड़ दिया। हिंदू संगठनों ने कहा है कि उन्होंने इस प्रदर्शन के लिए इजाजत मांगी थी, लेकिन उन्हें परमिशन नहीं दी गई। वो अवैध निर्माण के खिलाफ हैं और प्रदर्शन के लिए परमिशन मिलने का इंतजार नहीं कर सकते।
शिमला में Sanjauli Mosque Case के कथित अवैध निर्माण पर संग्राम बढ़ता जा रहा है। तो सवाल ये उठता है कि प्रेमियों के दिलों में खास स्थान रखने वाला शिमला आखिर आज उबल क्यों रहा है। शिमला जैसी शांत जगह से भी हिंसा और तोड़फोड़ की खबरें क्यों आ रही हैं और इनकी शुरुआत कैसे हुई? आइये जानते हैं…
कहां से शुरू हुआ विवाद?
दरअसल Shimla के मल्याणा में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के बीच हुए संघर्ष के बाद ये विवाद शुरू हुआ। मल्याणा में 30 अगस्त दिन शुक्रवार को एक मुस्लिम व्यक्ति ने कुछ लड़कों के साथ मिलकर स्थानीय दुकानदार यशपाल सिंह पर हमला कर दिया। इस हमले में यशपाल सिंह के सिर में काफी चोटें आई थी और उसे 14 टांके लगाए गए। इस हमले के बाद मामले ने तूल पकड़ना शुरू कर दिया और देखते ही देखते भारी संख्या में लोग संजौली पहुंचे और मस्जिद भवन के अवैध निर्माण को लेकर कार्रवाई की मांग करने लगे। मामला यहीं नहीं थमा, इस हमले के बाद संजौली बाजार में हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर रोष रैली निकाली और प्रशासन व सरकार को दो दिनों के अंदर अवैध निर्माण (Shimla Sanjauli Masjid) को गिराने की चेतावनी दी थी।
पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने भी उठाये थे अवैध मस्जिद निर्माण पर सवाल
स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों के द्वारा दबाव बनाने के बाद हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने विधानसभा में भी इस मामले को उठाया। उन्होंने कहा कि संजौली बाजार में अब महिलाओं का चलना मुश्किल हो गया है। वहां चोरियां और लव जिहाद जैसी घटनाएं हो रही हैं। जो देश और प्रदेश के लिए काफी खतरनाक है। अनिरुद्ध सिंह ने सदन में कहा था कि वहां पर एक मस्जिद (Shimla Sanjauli Masjid) का अवैध निर्माण हुआ है। सबसे पहले एक मंजिल बनाई गई, फिर बिना परमिशन के कई मंजिलें बनती चली गई। अब 5 मंजिल की मस्जिद (Shimla Sanjauli Masjid) बना दी गई है। उन्होंने अपने ही सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब अवैध निर्माण हो रहा था तो इसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
मस्जिद अवैध निर्माण को गिराने पर अड़े हिंदू संगठन
बता दें कि, हिंदू संगठन मस्जिद विवाद को लेकर प्रदर्शन पर अड़े हुए हैं। जिसके बाद से शिमला का माहौल गर्म हो गया है। प्रदर्शन को खत्म करने के लिए उपायुक्त ने Shimla में सोमवार की रात गुपचुप तरीके से लोगों की मीटिंग बुलाई और प्रदर्शन टालने की बात रखी। लेकिन हिंदू संगठन इस मस्जिद में हुए अवैध निर्माण को गिराने की बात पर अड़ा रहा। दोनों पक्षों से दो घंटे तक हुई वार्ता का कोई नतीजा नहीं निकला। अब इस मामले की आयुक्त कोर्ट में सुनवाई हो रही है।





