नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का एक दुखद विमान हादसे में निधन हो गया है। अहमदाबाद से लंदन जा रहे एयर इंडिया के विमान में वह सवार थे, जो टेकऑफ के कुछ समय बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में मौजूद सभी 241 यात्रियों की मौत हो गई, जिनमें विजय रूपाणी भी शामिल थे। बताया जा रहा है कि वह लंदन अपनी बेटी से मिलने जा रहे थे। पूर्व मुख्यमंत्री के आकस्मिक निधन पर गुजरात की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया है।
गुजरात के वरिष्ठ नेता विजय रूपाणी का राजनीतिक करियर बेहद उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने 1998 में पहली बार राजकोट के मेयर के रूप में अपनी राजनीतिक पारी शुरू की थी। इसके बाद 2006 में वे राज्यसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। 2014 में उन्होंने राजकोट पश्चिम से विधायक के रूप में जीत हासिल की। वर्ष 2016 से 2021 तक वे दो बार गुजरात के मुख्यमंत्री पद की ज़िम्मेदारी निभा चुके हैं। ऐसे में अब यह जानना दिलचस्प है कि विजय रूपाणी को पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर कितनी पेंशन प्राप्त होती थी। साथ ही, यह भी सवाल उठता है कि उनके निधन के बाद यह पेंशन उनके परिवार में किस सदस्य को मिलेगी? और उनकी कुल संपत्ति (नेटवर्थ) कितनी थी ?
कितनी है नेटवर्थ?
विजय रूपाणी की संपत्ति (नेटवर्थ) के बारे में बात करें तो, 2017 में दिए गए हलफनामे के अनुसार उनके पास लगभग 9 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति थी। इसके साथ ही उन पर करीब 83 लाख रुपये का कर्ज भी था। उस समय उनके पास नकद राशि लगभग 2,10,233 रुपये थी, जबकि उनके बैंक खातों में कुल 74,93,158 रुपये जमा थे। इसके अलावा, उन्होंने शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में भी निवेश किया हुआ था।
क्या पूर्व मुख्यमंत्री को मिलती है पेंशन ?
भारत में किसी भी नेता को पूर्व प्रधानमंत्री या पूर्व मुख्यमंत्री के पद पर रहने के लिए विशेष पेंशन का प्रावधान नहीं है। पूर्व प्रधानमंत्री को एक सांसद के तौर पर और पूर्व मुख्यमंत्री को एक विधायक के रूप में ही पेंशन दी जाती है। गुजरात, जहां विजय रूपाणी का राजनीतिक सफर रहा, देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां पूर्व विधायकों को पेंशन नहीं दी जाती, हालांकि इस दिशा में लंबे समय से मांग उठती आ रही है। विजय रूपाणी पूर्व में राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं, इसलिए उन्हें प्रति माह लगभग 31,000 रुपये की पेंशन मिलती थी, जो अब उनके आश्रितों को मिल सकती है।




