नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले उत्तरखंड की धामी सरकार तीर्थयात्रियों को लेकर काम कर रही है। इसको लेकर सरकार हर तहर की तैयारियों में जुड गई है। केदारनाथ-बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री समेत चारों धाम के लिए आज सोमवार से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी शुरु हो चुकी है। यात्रा करने से पहले यात्रियों को रजिस्ट्रेशन कराना जरुरी हो जाता है। लेकिन रजिस्ट्रेशन के अलावा मेडिकल सर्टिफिकेट की भी आश्यकता होती है। क्या आपको पता है इसके लिए किस डॉक्टर की मंजूरी की जरूरत होती है? तो आइए जानते हैं।
रजिस्ट्रेशन के लिए क्या-क्या चाहिए?
चारधाम यात्रा पर जाने के लिए हर कोई उत्साहित है। ऐसे में आपको मालूम होना चाहिए कि रजिस्ट्रेशन के लिए किन-किन सर्टिफिकेट की जरुरत पड़ती है। यात्रियों को अपने पास आधार कार्ड रखने की जरूरत है। क्योंकि रजिस्ट्रेशन काउंटर पर आपसे आपना आधार कार्ड और मोबाइल नंबर मांगा जाएगा। अगर किसी को कोई बीमारी है तो आपको अपनी मेडिकल सर्टिफिकेट की जरुरत होगी। इस सर्टिफिकेट को कैसे और कौन डॉक्टर बनाता है।
स्वास्थ्य बड़ी प्राथमिकता
चारधाम यात्रा को लेकर उत्तराखंड सरकार सख्त है। इस यात्रा को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए धामी सरकार ने स्वास्थ्य सुरक्षा को बड़ी प्राथमिकता दी है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने यात्रियों को एक एडवाइजरी जारी की है। जिसमें कहा गया कि यात्रियों को अपनी सेहत का सबसे ज्यादा ध्यान रखना होगा। यात्रा से पहले अनिवार्य हेल्थ चेकअप, पैदल चलना, दो महीने पहले से प्राणायाम, हार्ट फिटनेस एक्सरसाइज पंजीकृत स्वास्थ्य एप पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है।
कैसे बनेगा हेल्थ मेडिकल सर्टिफिकेट?
यात्रियों को रजिस्ट्रेशन कराने से पहले हेल्थ चेकअप जरुरी करा लें। यात्रा के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट जरूरी पड़ती है। यात्रा से करीब एक महीने पहले इसे किसी स्थानीय MBBS डॉक्टर से बनवाया जा सकता है। इस सर्टिफिकेट में डॉक्टर को स्पष्ट रूप से यह बताना होगा कि आप यात्रा के लिए शारीरिक रूप से स्वस्थ हैं या नहीं। यात्रा के दौरान अगर किसी को हेल्थ से जुड़ी कोई शिकायत होती है तो मेडिकल दस्तावेज जरूरत पड़ती हैं।





