नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र विधानसभा के बाहर गुरुवार को जमकर हंगामा मचा जिसमें बीजेपी विधायक गोपीचंद पडलकर और एनसीपी और एससीपी नेता जितेंद्र आव्हाड के समर्थकों के बीच झड़प की घटना हुई। जिसे देखतें हुए महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष ने इस मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने विधानसभा में एंट्री को लेकर बड़ा फैसला किया है।
महाराष्ट्र विधानसभा में मारपीट और हंगामे पर विपक्षी दलों ने राज्य में गुंडाराज का आरोप लगाया है। वहीं, अब विधानसभा अध्यक्ष ने भी इस घटना के बाद बड़ा फैसला ले लिया है। महाराष्ट्र विधान भवन में मारपीट की घटना के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने विधायकों के साथ विधान भवन में बिना पास आने वाले कार्यकर्ताओं पर रोक लगा दी है। इसके अलावा विधान भवन सुरक्षा विभाग ने प्राथमिक जांच रिपोर्ट स्पीकर को सौंप दिया है। जहां स्पीकर आज जांच रिपोर्ट की जानकारी सदन को देंगे।
पुलिस का एक्शन शुरू
विधानभवन में मारपीट करने वाले आरोपियों के खिलाफ पुलिस का एक्शन शुरू हो गया है। पुलिस ने बीजेपी विधायक पडलकर के समर्थकों पर मामला दर्ज कर उन्हे गिरफ्तार कर लिया है। आज पडलकर के समर्थकों को कोर्ट में पेश किया जाएगा इस घटना के बाद बीजेपी विधायक गोपीचंद पडलकर ने कहा, हमारे कार्यकर्ता पर रात को मामला दर्ज हुआ है। जो भी कार्रवाई होगी उसका कानूनी जवाब देंगे। विधानसभा अध्यक्ष जो भी फैसला करते है हम उसका सम्मान करेंगे।
विपक्ष की क्या है मांग?
इस घटना के बाद एनसीपी के विधायक रोहित पवार ‘गुंडाराज’ का बैनर लेकर विधान भवन पहुंचे, जहां MVA ने बीजेपी विधायक गोपीचंद पडलकर को विधानसभा से सस्पेंड करने की मांग की।
क्या बोले विपक्षी नेता?
अब कांग्रेस विधायक विजय वड्डेटीवार ने भी इस घटना को लेकर ने कहा- “महाराष्ट्र गुंडाराज चल रहा है, विधायक के इशारे पर विधान भवन नें मारपीट हो रही है। कपड़े फाड़े जा रहे हैं। जितेंद्र आव्हाड को मारने की धमकी मिल रही है। इनको सत्ता का अहंकार आ गया, इन्हें लग रहा है कि कोई इनका कुछ बिगाड़ नहीं सकता है। इसी के साथ एनसीपी विधायक रोहित पवार ने कहा- गोपीचंद पडलकर महाराष्ट्र का नया ‘आका है जो महाराष्ट्र में गुंडाराज फैला रहा है लेकिन, यहां ऐसा नही चलेगा। इस नए आका को सीएम का फूल सर्पोट हासिल है इसीलिए ये ऐसा कर है।




