नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। आरसीबी की IPL जीत का जश्न बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में मनाया जा रहा था। फ्री एंट्री की घोषणा की गई थी, जिससे स्टेडियम के बाहर करीब ढाई लाख लोग जुट गए। स्टेडियम की क्षमता सिर्फ 30,000 से 35,000 लोगों की थी। इस भारी भीड़ में भगदड़ मच गई, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई और 56 से ज्यादा लोग घायल हो गए।
हाई कोर्ट की सुनवाई में क्या हुआ?
इस मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट में कई अहम बातें सामने आईं: घटना में 11 लोगों की मौत हुई, जिनमें 5 महिलाएं और 6 पुरुष शामिल हैं। सरकार ने माना कि मौके पर एंबुलेंस की संख्या कम थी। फ्री एंट्री के कारण लोग जबरन अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे। ज्यादातर भीड़ तीन गेटों पर थी, जबकि स्टेडियम में 21 गेट मौजूद हैं।
कोर्ट के सवाल और वकीलों की दलीलें
कोर्ट ने सरकार से कई कड़े सवाल किए:
क्या सभी 21 गेट खुले हुए थे?
क्या ऐसे खिलाड़ियों को सम्मानित करना जरूरी था जो राज्य या देश के लिए नहीं खेले?
कार्यक्रम दो जगह क्यों हुआ – विधानसभा और स्टेडियम में?
सरकार के वकील ने बताया:
स्टेडियम में फ्री एंट्री की घोषणा RCB फ्रेंचाइजी ने की थी।
घटना की मजिस्ट्रेट जांच चल रही है, 15 दिन में रिपोर्ट आएगी।
सीएम ने दुख जताया और मुआवज़ा देने की घोषणा की है।
दोषियों पर कार्रवाई होगी, चाहे वह कोई भी हो।
जांच और अगली सुनवाई
कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले में स्वतः संज्ञान लेगा। कुछ वकीलों ने मांग की कि स्वतंत्र जांच कमेटी बनाई जाए क्योंकि जो लोग इस घटना के लिए जिम्मेदार हैं, वही जांच भी कर रहे हैं। अगली सुनवाई 10 जून 2025 को होगी। इस हादसे ने एक बार फिर भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा तैयारियों और आपातकालीन सेवाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोर्ट ने साफ कहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए SOP (मानक प्रक्रिया) तैयार होना जरूरी है।




