नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । महाराष्ट्र में इस बार मानसून ने समय से पहले दस्तक दी है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का कहर देखने को मिला। भारतीय मौसम विभाग ने पुष्टि की है कि मानसून 25 मई को ही महाराष्ट्र में प्रवेश कर गया, जबकि आमतौर पर यह 7 जून के आसपास पहुंचता है। मानसून की इस जल्दी आमद से जहां किसानों के चेहरे खिल उठे हैं, वहीं कई क्षेत्रों में भारी बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। नीरा डावा नहर के टूटने से एक प्रमुख हाईवे जलमग्न हो गया, जिससे यातायात बाधित हुआ और करीब 150 घरों में पानी भर गया। इस असमय और मूसलाधार बारिश ने कई जिलों में खेतों को नुकसान पहुंचाया है और आम लोगों को मुश्किल हालात का सामना करना पड़ रहा है।
बारामती में फूटी नीरा डावा नहर, हाईवे जलमग्न
महाराष्ट्र के बारामती और दौंड इलाकों में रविवार, 25 मई को हुई भारी बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए। मूसलधार बारिश के चलते बारामती की नीरा डावा नहर टूट गई, जिससे तेजी से पानी बहता हुआ पालखी हाईवे पर फैल गया। नतीजतन, काटेवाड़ी-भवानीनगर मार्ग को एहतियातन बंद करना पड़ा। बारामती के 150 से अधिक घरों में पानी घुसने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया है और एनडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
पुणे जिले में रविवार को औसतन 22.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। इंदापुर और बारामती तहसीलों के कई गांवों में बारिश का पानी घरों में भर गया है। नीरा डावा नहर खासतौर पर पिंपळी गांव के पास टूटी, जिससे आसपास की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है और कई ग्रामीण घरों में पानी जमा हो गया है। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और स्थानीय लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
दौंड में बिगड़े हालात, पुणे-सोलापुर हाईवे जलमग्न
महाराष्ट्र में भारी बारिश के चलते दौंड क्षेत्र की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। तेज बारिश के कारण पुणे-सोलापुर हाईवे पर जलभराव हो गया, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। पानी के तेज बहाव में एक इनोवा कार बह गई, हालांकि राहत की बात रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। बारामती के पेन्सिल चौक इलाके में स्थित दो जर्जर इमारतों में रहने वाले परिवारों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका को टाला जा सका।
बारामती जाएंगे डिप्टी सीएम अजित पवार
भारी बारिश से प्रभावित बारामती की स्थिति को देखते हुए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और पुणे जिले के पालक मंत्री अजित पवार जल्द ही क्षेत्र का दौरा करेंगे। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को हर स्तर पर सतर्क रहने और राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी बारामती और इंदापुर की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली है और सभी प्रशासनिक तंत्रों को हाई अलर्ट पर रहने का आदेश दिया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
सांसद सुप्रिया सुले की नागरिकों से अपील
बारामती की सांसद सुप्रिया सुले ने क्षेत्र में हो रही मूसलधार बारिश को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि न सिर्फ बारामती लोकसभा क्षेत्र, बल्कि पुणे जिले के अन्य हिस्सों में भी तेज बारिश के चलते कई इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे सड़कें प्रभावित हुई हैं। सुले ने नागरिकों से आग्रह किया कि अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। साथ ही उन्होंने जिला प्रशासन, पीएमआरडीए और नगर निगम आयुक्त से आपदा प्रबंधन प्रणाली को पूरी तरह सक्रिय रखने और प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत कार्य शुरू करने की मांग की है।
पुणे-नासिक में भारी बारिश पर एकनाथ शिंदे की नजर
रविवार देर रात पुणे और नासिक जिलों में मूसलधार बारिश के चलते कुछ संवेदनशील इलाकों में आपातकालीन हालात बनने की आशंका जताई गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों जिलों के कलेक्टरों से फोन पर स्थिति की जानकारी ली।
शिंदे ने प्रशासन को निर्देश दिया कि नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और जरूरतमंदों को हरसंभव सहायता तुरंत उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने सह्याद्री की पूर्वी पर्वत श्रृंखलाओं में स्थित दुर्गम गांवों और बस्तियों में विशेष सतर्कता बरतने को भी कहा है। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे समय-समय पर हालात की समीक्षा करते रहें और किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहें।
मुख्यमंत्री फडणवीस की नजर बारिश से प्रभावित इलाकों पर, एनडीआरएफ टीमें तैनात
महाराष्ट्र में जारी भारी बारिश का असर राज्य के कई हिस्सों में साफ देखा जा रहा है। मुंबई, ठाणे, पुणे और बारामती समेत कई जिलों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। विशेष रूप से पुणे और बारामती के निचले इलाकों में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के साथ मिलकर सभी सुरक्षा और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। बारामती, इंदापुर और सोलापुर जैसे गंभीर रूप से प्रभावित क्षेत्रों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें रवाना कर दी गई हैं, जो राहत और बचाव कार्य में जुट गई हैं।
इस बार समय से पहले महाराष्ट्र पहुंचा मानसून
इस साल मानसून ने सामान्य से काफी पहले महाराष्ट्र में एंट्री कर ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया है कि 24 मई को केरल में दस्तक देने के बाद, महज एक दिन में ही मानसून महाराष्ट्र में प्रवेश कर गया, जो सामान्यत: 7 जून के आसपास आता है। हालांकि, अब तक यह मुंबई तक नहीं पहुंचा है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दो दिनों में मुंबई में मानसून पहुंचने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं, और इसके जल्द ही यहां दस्तक देने की पूरी संभावना है। यह समय से पहले आया मानसून जहां किसानों के लिए राहत की खबर है, वहीं कुछ इलाकों में इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।





