नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। हरियाणा में 9 नगर निगम समेत 40 निकायों के लिए 2 और 9 मार्च को हुए चुनावों की मतगणना जारी है। शुरुआती रुझानों में BJP कांग्रेस से काफी आगे चल रही है। कई जगहों पर बीजेपी ने जीत हासिल की है, जबकि कुछ जगहों पर कांग्रेस ने भी कड़ी टक्कर दी है। कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने बीजेपी सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी अपने ही नेताओं के भ्रष्टाचार के आरोपों में घिर गई है। उन्होंने विधानसभा में कहा कि बीजेपी सरकार हमेशा पारदर्शिता की बात करती थी, लेकिन अब उनके ही विधायक उनके मंत्री पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगा रहे हैं।
बीजेपी और कांग्रेस में बराबरी की टक्कर
सिरसा नगर निकाय चुनाव के नतीजों में बीजेपी और कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों ने बराबरी का प्रदर्शन किया है। 14 वार्डों के नतीजे आ चुके हैं, जिसमें बीजेपी और कांग्रेस के प्रत्याशी 7-7 सीटों पर विजयी रहे।
कांग्रेस के विजेता प्रत्याशी
वार्ड 1: आरती
वार्ड 2: चंचल देवी
वार्ड 3: रमेश मेहता
वार्ड 6: गोपी राम
वार्ड 8: संगीता
वार्ड 9: अनीता रानी
वार्ड 10: संजय कुमार
बीजेपी के विजेता प्रत्याशी
वार्ड 4: सनप्रीत
वार्ड 5: जसपाल सिंह
वार्ड 7: सुमन देवी
वार्ड 11: राजन शर्मा
वार्ड 12: दीपक बंसल
वार्ड 13: मनीष कुमार
वार्ड 14: अंग्रेज बठला
अंबाला मेयर पद के लिए हुए उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवार शैलजा सचदेवा ने कांग्रेस की अमीषा चावला को 20,487 वोटों के अंतर से हराया। यह जीत बीजेपी के लिए 2019 के बाद अंबाला में पहला बड़ा चुनावी विजय है। बीजेपी नेता और पूर्व राज्यमंत्री असीम गोयल ने इस जीत पर कहा, “मुख्यमंत्री नायब सैनी को आज एक साल पूरा हुआ है और इसी के साथ बीजेपी ने जीत का सिक्सर मारा है। अब ट्रिपल इंजन सरकार के तहत विकास और तेजी से होगा। यमुनानगर में छठे राउंड की मतगणना के बाद बीजेपी उम्मीदवार सुमन बहमनी 17,430 वोटों से आगे चल रही हैं। सुमन बहमनी को अब तक 37,235 वोट मिले हैं, जबकि कांग्रेस की किरना देवी को 19,805 वोट मिले हैं। हरियाणा के बड़े शहरों फरीदाबाद और गुरुग्राम में भी बीजेपी शुरुआती रुझानों में आगे चल रही है। मतगणना के अंतिम परिणामों के बाद तस्वीर और साफ होगी, लेकिन अब तक के रुझानों से साफ है कि हरियाणा में बीजेपी ने नगर निकाय चुनावों में अच्छी पकड़ बनाई है।
बीजेपी विधायक रामकुमार गौतम ने क्या आरोप लगाए?
हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बीजेपी विधायक रामकुमार गौतम ने अपनी ही सरकार के मंत्री अरविंद शर्मा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मंत्री ने पेट्रोल पंप दिलाने के नाम पर लोगों से पैसे लिए हैं। उन्होंने अपने एक रिश्तेदार का जिक्र करते हुए कहा कि उनसे 10 लाख रुपये की रिश्वत ली गई थी। कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया और कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से एसआईटी गठित करने की मांग की ताकि पूरे मामले की पारदर्शी जांच हो सके और सदन की गरिमा बनी रहे।
मंत्री अरविंद शर्मा और रामकुमार गौतम के बीच तकरार
विधानसभा में बहस के दौरान मंत्री अरविंद शर्मा ने रामकुमार गौतम पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे तो एक बार शर्त लगाकर 10 किलो गोबर पी गए थे। इस टिप्पणी से गुस्साए विधायक गौतम ने तुरंत ही मंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप जड़ दिए। उन्होंने दावा किया कि मंत्री ने अपने पद का दुरुपयोग कर लोगों से पैसे ऐंठे हैं। बीजेपी सरकार पहले ही विपक्ष के निशाने पर थी और अब उनके ही विधायक द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों ने सरकार को मुश्किल में डाल दिया है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर और आक्रामक रुख अपनाने का संकेत दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि विधानसभा अध्यक्ष इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और क्या सरकार इन आरोपों की जांच के लिए एसआईटी गठित करेगी। फिलहाल, यह मामला हरियाणा की राजनीति में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन गया है।




