नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में बीते दिनों गीता प्रेस गोरखपुर के शिविर में आग लग गई थी। इस आगजनी में 100 से ज्यादा कॉटेज जलकर खाक हो गए थे । इस आगजनी का कारण प्रशासन ने जहां सिलेंडर का रिसाव बताया है तो वहीं दूसरी गीता प्रेस के ट्रस्टी और संचालक कृष्ण खेमका ने एक अलग ही दावा करते हुए चौंका दिया है। उन्होंने शिविर की बाउंड्री के बाहर से आग जैसी चीज अंदर आने की बात कही है।
आग की घटना के बाद मीडिया से बातचीत में कृष्ण कुमार खेमका ने कहा कि महाकुंभ में अखिल भारतीय धर्म संघ और गीता प्रेस का संयुक्त रूप से शिविर बना हुआ है, जिसमें लगभग 180 कॉटेज थे। हम सभी बहुत सावधानी से काम कर रहे थे, सभी से कहा गया था आग का कोई काम न करें।
करोड़ों का माल खाक हो गया है
उन्होंने आगे बताया कि “जहां शिविर की बाउंड्री थी, उसे सर्कुलेटिंग एरिया बनाया गया था। लेकिन पता नहीं प्रशासन ने कब इसे किसी और को दे दिया। उसी तरफ से अग्नि की कोई चीज शिविर तक आई थी। इसके बाद आग धीरे-धीरे भड़कती गई और हमारे सारे कॉटेज खाक हो गए। भगवान की कृपा से जनहानि नहीं हुई, लेकिन करोड़ों का माल खाक हो गया है।”
प्रशासन ने आगजनी का कारण सिलेंडर लीक होना बताया
प्रशासन सेक्टर 19 में लगी भीषण आग का कारण गीता प्रेस के शिविर की रसोई में छोटे सिलेंडर से चाय बनाते समय सिलेंडर लीक होना बताया है। कहा गया है कि इस दौरान दो गैस सिलेंडर फटे और तेज धमाका हुआ । जिससे आग तेजी से फैल गई।
आग से कोई जनहानि नहीं हुई है
गौरतलब है कि मेला क्षेत्र में रविवार को स्नानार्थियों की भीड़ अधिक होने के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के घटनास्थल तक पहुंचने में काफी मुश्किल आई थी। हांलाकि राहत कार्य तेजी से किए जाने के कारण आग को बहुत जल्द ही काबू कर लिया गया था । गनीमत यह रही कि आग से कोई जनहानि नहीं हुई है।




