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Thursday, March 19, 2026
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HS Result 2024: 600 में 572 अंक आए पर नहीं बन पाई जिला टॉपर, 1 नंबर से चूकी और उठा लिया खतरनाक कदम

WBCHSE HS Result 2024 Live: बोर्ड रिजल्ट जारी होने के साथ सुसाइड की घटनाएं सामने आने लगी हैं। यह बेहद गलत कदम है। छात्र यह कदम नहीं उठाएं। एक परीक्षा का परिणाम आपके जीवन से बढ़कर नहीं हो सकता है।

नई दिल्ली, रफ्तार। देशभर के अलग-अलग बोर्ड के 10वीं और 12वीं के रिजल्ट जारी हो रहे हैं। आज पश्चिम बंगाल बोर्ड का रिजल्ट जारी होना है। इस बीच कुछ दुखद घटनाएं सामने आ रहीं हैं। इनमें से एक साक्षी की घटना है। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर की छात्रा साक्षी ने 95.3 फीसदी अंक पाने के बाद भी आत्महत्या कर ली है। उसे 600 अंकों में 572 नंबर हासिल हुए थे। इससे आहत होकर छात्रा ने जान दे दी।

जिला टॉपर बनने का ख्वाब टूटने पर फंदे से झूली

दरअसल, छात्रा केवल एक नंबर कम होने की वजह से जिला टॉपर नहीं बन सकी थी। इस ख्वाब के टूटने के बाद किशोरी ने यह कदम उठाया। हाईस्कूल की छात्रा सोमवार की रात फांसी के फंदे पर झूल गई। सुबह पता चलने पर परिजनों में कोहराम मचा गया। परिजनों ने पुलिस को घटना की जानकारी नहीं दी।

10वीं की परीक्षा पास की थी

फतेहपुर के पांडेयपुर गांव निवासी योगेंद्र सिंह की 16 वर्षीय बेटी साक्षी देवी ने 10वीं कक्षा की पास की थी। परिजनों के अनुसार साक्षी कृष्णा इंटर कॉलेज फिरोजपुर में पढ़ती थी। 20 अप्रैल को हाईस्कूल की परीक्षा का रिजल्ट जारी हुआ था। इसमें वह 600 में 572 नंबर हासिल किए हैं। एक अंक कम होने की वजह से वह जिला टॉपर नहीं बन सकी। उसे अच्छे अंकों से उत्तीर्ण होने पर स्कूल में सम्मानित भी किया गया था। टॉप न कर पाने से छात्रा गुमशुम रहने लगी थी। सोमवार की रात बगल में बने पशुबाड़े में खड़े नीम के पेड़ पर रस्सी का फंदा लगा ली।

आत्महत्या नहीं, नया लक्ष्य तय करें

बोर्ड के परिणाम हो या जिंदगी का कोई भी इम्तिहान हो, उसमें अव्वल न आने या अपने उम्मीदों के अनुसार सफलता न मिलने पर हताश नहीं हो। रफ्तार की अपील है कि अपने उस लक्ष्य से भी बड़ा लक्ष्य तय करें और उस दिशा में अपनी क्षमता के अनुसार जुट जाएं, क्योंकि कोई भी परीक्षा परिणाम आपकी जिंदगी की सफलता तय नहीं करता। हमेशा अपने पिछले लक्ष्य से बड़ा लक्ष्य तय करें और उसे पाने की सोचें, न की बीते लक्ष्य की असफलता पर विचार करें।

बच्चे की मेहनत का सम्मान करें परिजन

अभिभावक अपने बच्चों के परिणाम के आधार पर उनके साथ पेश नहीं आएं। उनकी मेहनत और क्षमता का पूरा सम्मान करें। बोर्ड रिजल्ट आने पर उनकी खुशी में शामिल हों और उन्हें आगे और बेहतर करने के लिए प्रोत्साहित करें। रिजल्ट के बाद उनका विशेष ख्याल रखें। किसी तरह के बदलाव होने की स्थिति में बच्चे की काउंसलिंग भी करा सकते हैं।

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