नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। श्रम व रोजगार मंत्रालय ने मीडिया में चल रही खबरों का संज्ञान लेते हुए फॉक्सकॉन इंडिया के एप्पल आईफोन संयंत्र में शादीशुदा महिलाओं को नौकरी न देने के मुद्दे पर तमिलनाडु के श्रम विभाग से 26 जून 2024 को रिपोर्ट पेश करने को कहा था। जिसके बाद फॉक्सकॉन कंपनी ने इन आरोपों को गलत बताते हुए अपनी सफाई दी है।
कंपनी में नए कर्मचारियों में से 25 प्रतिशत महिलाएं शादीशुदा हैं
बता दें कि फॉक्सकॉन कंपनी एप्पल आईफोन बनाती है। फॉक्सकॉन कंपनी ने सरकार को बताया कि उनकी कंपनी में नए कर्मचारियों में से 25 प्रतिशत महिलाएं शादीशुदा हैं। फॉक्सकॉन कंपनी ने कहा कि धातु (आभूषण आदि) पहनना सुरक्षा का मुद्दा है, न कि किसी तरह के भेदभाव का। फॉक्सकॉन कंपनी का मानना है कि इस तरह का आरोप लगाने वाले लोग वो ही हो सकते हैं जिन्हे नौकरी में नहीं रखा गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार फॉक्सकॉन कंपनी का कहना है कि इस तरह की खबरें भारतीय विनिर्माण क्षेत्र को बदनाम करती है।
कारखाने में कार्य करते वक्त किसी भी तरह की धातु पहनने की अनुमति नहीं
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार फॉक्सकॉन कंपनी ने सरकार को अपनी सफाई में कहा है कि हिन्दू शादीशुदा महिलाओं के साथ आभूषण पहनने के कारण भेदभाव करने की बात पूरी तरह से गलत है। कंपनी ने कहा कि कारखाने में किसी भी तरह का धातु पहनना एक सुरक्षा का मुद्दा है। जिसको सरकार और उद्योग दोनों भली भांति समझता है। जानकारी के अनुसार फॉक्सकॉन के कारखाने में सुरक्षा कारणों की वजह से किसी भी तरह के धातु को पहनने की अनुमति नहीं है। चाहे इसको पहनने वाला कोई पुरुष हो या महिला सबके लिए एक नियम है। कंपनी के नियम हर धर्म के लोगों के लिए सामान हैं चाहे वो हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, सिख आदि किसी भी धर्म से क्यों न हो, उन्हें कारखाने में कार्य करते वक्त किसी भी तरह की धातु पहनने की अनुमति नहीं होगी।
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