नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । बेंगलुरु के पूर्व पुलिस आयुक्त और BJP नेता भास्कर राव ने देश के मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई पर जूता फेंकने वाले अधिवक्ता राकेश किशोर की हिम्मत की सराहना की। हालांकि, आलोचनाओं के बाद राव को अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर माफी भी मांगनी पड़ी। आरोपी राकेश किशोर के खिलाफ बेंगलुरु में एफआईआर भी दर्ज हुई है। राव ने एक्स पर लिखा था कि “कानूनी रूप से यह गलत है, लेकिन आपकी हिम्मत की मैं तारीफ करता हूं, जिसने परिणामों की परवाह किए बिना अपनी बात पर डटा रहा।” इस पोस्ट पर कई यूजर्स ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
सोशल मीडिया पर हुई आलोचना
भास्कर राव को अपनी पोस्ट की वजह से सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ा। एक यूजर नितिन शेषाद्रि ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि “मान्यवर, मुझे आपसे यह उम्मीद नहीं थी। क्या यह भाषा नाथूराम गोडसे और नारायण आप्टे के मुकदमों में उनके बचाव में इस्तेमाल की गई भाषा जैसी नहीं थी?” एक अन्य यूजर ने बेंगलुरु पुलिस को टैग करते हुए कहा कि “इस पोस्ट पर कार्रवाई होनी चाहिए।” इसके बाद भास्कर राव ने बुधवार को अपनी राय के लिए माफी मांगी।
भास्कर राव ने मांगी माफी
भारतीय पुलिस सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी ने अपने पोस्ट पर खेद जताते हुए कहा कि “मेरी प्रतिक्रिया हैरानी और सदमे से भरी थी कि एक शिक्षित, वरिष्ठ और अनुभवी व्यक्ति होते हुए भी वह एक भयानक और कानूनी रूप से गलत कृत्य कर रहा है, जिसके परिणामों को वह पूरी तरह जानता था। मैंने न तो उच्चतम न्यायालय, न प्रधान न्यायाधीश, न ही किसी समुदाय का अपमान किया है। अगर मेरे पोस्ट से किसी को ठेस पहुंची हो या गुस्सा आया हो, तो मैं इसके लिए खेद व्यक्त करता हूं।”
बता दें कि भास्कर राव ने चामराजपेट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन मौजूदा कर्नाटक सरकार के आवास मंत्री बी जेड जमीर अहमद खान से हार गए थे। गौरतलब है कि बीते सोमवार को अदालत में 71 वर्षीय वकील ने कथित तौर पर शिष्टाचार का उल्लंघन करते हुए प्रधान न्यायाधीश बी आर गवई की ओर जूता फेंकने का प्रयास किया। जिसके बाद हर तरफ इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी का सिलसिला शुरू हो गया।




