नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र 2025 के पहले ही दिन समाजवादी पार्टी के विधायकों ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। सपा विधायकों ने महाकुंभ, बेरोजगारी और अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश की। इस दौरान कई विधायकों ने अनोखे तरीके से विरोध जताया है ।
अतुल प्रधान ने पहनी बेड़ियां
मेरठ की सरधना सीट से सपा विधायक अतुल प्रधान अपने गले और हाथों में बेड़ियां डालकर विधानसभा पहुंचे। उन्होंने चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। अतुल प्रधान ने अमेरिका द्वारा ‘डंकी रूट’ से गए भारतीयों को बेड़ियों में जकड़कर भेजने के मुद्दे को उठाया। उन्होंने सरकार पर बेरोजगारी रोकने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा, “सरकार रोजगार नहीं दे पा रही, इसलिए युवा डंकी रूट से विदेश जाने को मजबूर हो रहे हैं। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में किसी भारतीय को हथकड़ी में निर्वासित न किया जाए।
राज्यपाल के अभिभाषण पर सपा का विरोध
विधानसभा में पूर्व कैबिनेट मंत्री और सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण को झूठा करार दिया। उन्होंने कहा, “यह सरकार द्वारा बनाया गया एक झूठा भाषण था, जिसे राज्यपाल ने पूरा पढ़ा ही नहीं। समाजवादी पार्टी के विधायकों की भी यही मांग थी कि इस भाषण को पढ़ा न जाए।
महाकुंभ हादसे पर सरकार को घेरा
बजट सत्र के दौरान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने राज्यपाल के अभिभाषण का विरोध किया। उन्होंने कहा, “राज्यपाल के भाषण में जो आंकड़े दिए गए, वे झूठे थे। महाकुंभ में हुई भगदड़ और मौतों के सही आंकड़े छुपाए जा रहे हैं। राज्यपाल भाषण अधूरा छोड़कर चली गईं, शायद वे महाकुंभ में हुई घटनाओं से दुखी थीं। बजट सत्र के पहले दिन समाजवादी पार्टी पूरी तैयारी के साथ आई थी। विधायकों ने बेरोजगारी, कानून व्यवस्था और महाकुंभ में हुई अव्यवस्थाओं को लेकर सरकार पर निशाना साधा। सपा ने सरकार से महाकुंभ में हुई भगदड़ पर विस्तृत जानकारी देने और रोजगार नीति पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की। बजट सत्र की शुरुआत से ही सपा विधायकों का यह आक्रामक रुख साफ संकेत दे रहा है कि आगे भी सदन में सरकार को कड़े सवालों का सामना करना पड़ेगा।




