अपने एक साल के लंबे आंदोलन की बदौलत नरेंद्र मोदी सरकार से कृषि कानूनों को निरस्त करवाने में कामयाब रहे किसानों ने एक बार फिर नए सिरे से विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर ली हैं।