नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । छत्तीसगढ़ के सुकमा कोर नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों और नक्सललियों के बीच मुठभेड़ जारी है। आज सुबह से ही रुक-रुककर फायरिंग हो रही है, यहां डीआरजी और कोबरा बटालियन के अभियान के दौरान दो नक्सली मारे जाने की जानकारी है। छत्तीसगढ़ का यह इलाकों नक्सल का काफी प्रभावित है, वहीं जवाब में सुरक्षा बलों की कार्रवाई लगातार जारी है। शनिवार सुबह से सुकमा जिले में मुठभेड़ चल रही है। इस इलाकें में लाल आंतक की मौजूदगी का इनपुट मिलने के बाद डीआरजी और कोबरा बटालियन की संयुक्त टीम तलाशी के लिए निकली थी। फिलहाल क्षेत्र में तलाशी अभियान जारी है।
बीजापुर में सेना के काफिले पर हमला
आज शनिवार सुबह से ही सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच रुक-रुककर मुठभेड़ हो रही है। मौके पर सुरक्षा बल के द्वारा तलाश भी चलाया जा रहा है। इस घटना को लेकर बस्तर के आईजी सुंदरराज पी ने इसकी पुष्टि की है। बता दें कि, बीते कुछ दिनों में बीजापुर में नक्सलियों ने सुरक्षाकर्मियों के काफिले पर हमला कर दिया था। जिसमें 8 जवान शहीद हो गए थे। और एक ड्राइवर की भी मौत हो गई थी। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई तेज की। और फरवरी के महीने में नक्सलियों के खिलाफ एक बड़ा ऑपरेशन चलाया गया था, जहां कई नक्सली को मारे गिराया। जबकि इस कार्रवाई के बाद कईयों ने सरेंडर किया था, इसमें इनामी नक्सली भी शामिल थे।
फरवरी में मारे गए थे 31 नक्सली
मालूम हो कि, बीजापुर जिले के मद्देड़ और फरसेगढ़ पुलिस थाना क्षेत्रों की सीमा पर एक बड़ा एंटी नक्सली ऑपरेशन चलाया गया था। जिसमें 31 नक्सलियों को मारा गया था, इसमें 11 महिलाएं और इनामी नक्सली शामिल थे। इस मुठभेड़ में दो सुरक्षाकर्मी भी शहीद हो गए थे। इन नक्सलियों से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की थे। यह एनकाउंटर करीब 12 घंटे तक चला था। मौके पर 50 नक्सली मौजूद होने की जानकारी मिली थी।
2026 तक खत्म करने का लक्ष्य
बता दें कि, केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद का सफाया कर दिया जाएगा। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि, मोदी सरकार बस्तर के चार जिलों को छोड़कर पूरे देश में नक्सलवाद को समाप्त करने में सफल रही है। नक्सलवाद आज अंतिम विदाई पर है। 31 मार्च 2026 तक समाप्त कर देंगे।




