नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । बुधवार को राजस्थान की सियासत में अचानक पारा हाई हो गया। वजह है राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी चीफ और राजस्थान में इंडिया गठबंधन के नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के घर की बिजली का कनेक्शन काटना। बिजली विभाग ने सांसद के घर की बत्ती गुल करने की कार्रवाई कर दी। सांसद हनुमान बेनीवाल पर बिजली बिल का 11 लाख रुपये बकाया है। विभाग के इस एक्शन से नागौर सांसद भड़क गए। आरएलपी के मुखिया और सांसद हनुमान बेनीवाल ने घर की बिजली काटे जाने पर गहरी नाराज़गी जताई है।
विभाग की इस कार्रवाई से सांसद नाराज हैं, उन्होंने राजस्थान की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बिजली विभाग ने कई बार बिल चुकता करने का नोटिस जारी किया था। नागौर में बिजली का यह कनेक्शन सांसद हनुमान बेनीवाल के भाई प्रेमसुख बेनीवाल के नाम पर है।
क्या है पूरा मामला?
हनुमान बेनीवाल राजस्थान की नागौर सीट से सांसद हैं। जिस घर में बिजली का कनेक्शन लगा हुआ है, सांसद हनुमान बेनीवाल ने उसी में अपनी पार्टी RLP का कार्यलाय बना रखा है। वहीं, संसद का जनसंपर्क कार्यालय भी है। सांसद बेनीवाल के परिवार के लोग इसी घर में रहते भी हैं।
11 लाख से ज्यादा का बकाया बिल
बिजली विभाग के मुताबिक, जिस कनेक्शन को काटा गया है, उस पर 11 लाख 61 हजार 545 रुपये का बकाया है। पिछले 14 सालों से बिल का भुगतान नहीं किया है। विभाग के द्वारा बार-बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद बिल जमा नहीं किया। बुधवार (2 जुलाई) शाम बिजली विभाग की टीम नागौर में सांसद हनुमान बेनीवाल के घर पहुंची। कर्मचारियों ने खंभे पर चढ़कर बिजली का कनेक्शन काट दिया।
CM को खुश करने के लिए अफसरों ने यह किया- हनुमान बेनीवाल
इस मामले में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष और सांसद हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोग लगाए है। सांसद हनुमान बेनीवाल ने घर का बिजली कनेक्शन काटे जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि यह कार्रवाई बदले की भावना से की गई है। सीएम को खुश करने के लिए अफसरों ने यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि वह एसआई भर्ती समेत तमाम मुद्दों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। इसी वजह से सरकार ने उनके घर की बिजली कटवाई है।
‘सरकार की ये घटिया हरकत’
सांसद हनुमान बेनीवाल ने इसे बेहद घटिया हरकत बताया है। सांसद ने दावा किया है कि बिजली के बिल को लेकर विवाद था। उन्होंने पार्ट पेमेंट के तौर पर दो लाख रुपये जमा भी करवा दिए थे। मामले का निपटारा होना अभी बाकी था, लेकिन सरकार ने तानाशाही रवैया दिखाते हुए उनके घर की बिजली काट दी।





