नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। देश में NEET परीक्षा के पेपर लीक को लेकर चल रहें बवाल के बाद अब सरकार सक्रिय तौर पर काम करती नजार आ रहीं है। सरकार और शिक्षा मंत्रालय इस मुद्दे को लेकर एक के बाद एक बड़े निर्णय ले रहें है। इससे पहले सरकार ने मध्यरात्रि में एंटी पेपर लीक कानून का नोटिफिकेशन जारी कर इसको पूरे देश में लागू कर दिया। अब शिक्षा मंत्रालय ने इस मुद्दे की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर दिया है। मंत्रालय ने इस कमेटी का गठन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पूर्व प्रमुख के. राधाकृष्णन के अध्यक्षता में किया है।
कमेटी में ये सात लोगो है शामिल
आपको बता दें कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षाओं के पारदर्शी, सुचारू और निष्पक्ष संचालन को सुनिश्चित करने के लिए विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है। इस कमेटी की अध्यक्षता इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के राधाकृष्णन कर रहें है। इसमें डॉ. के राधाकृष्णन के साथ 6 और विशेषज्ञों को रखा गया है। जिसमें एम्स दिल्ली के पूर्व निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया, हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी. जे. राव, आईआईटी मद्रास के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर एमेरिटस प्रो. राममूर्ति के, पीपल स्ट्रॉन्ग के सह-संस्थापक और कर्मयोगी भारत के बोर्ड सदस्य पंकज बंसल और आईआईटी दिल्ली के डीन स्टूडेंट अफेयर्स प्रो. आदित्य मित्तल के साथ शिक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव गोविंद जायसवाल को शामिल किया गया है।
क्या काम करेंगी कमेटी?
मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग ने अपने एक बयान में कहा कि सात लोगों की यह समिति परीक्षा की प्रक्रियाओं में सुधार, डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल में सुधार और NTA के स्ट्रक्चर पर काम करेगी। जिससे परीक्षा प्रक्रिया को और पारदर्शी तथा इसके सुचारू और निष्पक्ष संचालन को सुनिश्चित किया जा सके। इसके साथ ही समिति 2 महीने के अंदर शिक्षा मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इस हाई लेवल समिति के चेयरमैन के रूप में ISRO के पूर्व चेयरमैन डॉ. के. राधाकृष्णनन हैं।
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