नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। फेमस शिक्षक खान सर ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत की है। जहां अब उनके यहां ECG जांच मात्र 25 रुपये में कराई जा सकेगी। यह पहल खासतौर पर गरीब और मजदूर वर्ग के लिए राहत लेकर आई है, जो महंगी मेडिकल जांच से अक्सर दूर ही रहते थे।
बता दे, देश में स्वास्थ्य सेवाओं की महंगाई और जांचों के भारी खर्च के कारण गरीब और मजदूर वर्ग की समस्या को समझते हुए, फेमस यूट्यूबर और पढ़ाई के लिए मशहूर शिक्षक खान सर ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत की है। जिसमें अब उनके यहां ECG यानी इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम जांच मात्र 25 रुपये में कराई जा सकेगी। यह पहल खासतौर पर उन गरीबों और मजदूरों के लिए राहत लेकर आई है, जो महंगी मेडिकल जांच के कारण अक्सर अपने इलाज से बचते रहे।
खान सर ने बच्चों से बातचीत के दौरान पूछा, आपने ECG जांच कराई होगी कितना लगता है? आमतौर पर 400-500 रुपये के बीच होती है, लेकिन हमारे यहां सिर्फ 25 रुपये में करवा लेना। खान सर की यह पहल अब आम लोगों के लिए ECG जांच को सस्ता और आसान बना देगी। इससे गरीब मजदूर, जो अपनी एक दिन की मजदूरी भी मेडिकल खर्च में गंवाना नहीं चाहते, अब बिना ज्यादा पैसे खर्च किए अपनी जांच करा सकेंगे। उन्होंने साफ कहा कि उनके यहां जांच कराने में कोई परेशानी नहीं होगी और सभी को समान सुविधा मिलेगी।
खान सर ने यह भी बताया कि मेडिकल मशीनें खरीदना आसान है, लेकिन उनका सही ढंग से चलाना और उनका रख-रखाव करना एक बड़ी चुनौती है। खासकर डायलिसिस मशीन के लिए बड़े आरओ प्लांट की जरूरत पड़ती है, जो कि बहुत साफ पानी देता है, लेकिन उसका रख-रखाव महंगा और मुश्किल होता है। उन्होंने बताया, हमारे यहां जो पानी उपयोग होता है, वह सामान्य पीने के पानी से दस गुना ज्यादा साफ होता है। अगर हम साफ पानी टंकी में रख दें तो अगले दिन उसे इस्तेमाल नहीं कर सकते क्योंकि वह खराब हो जाता है।
खान सर ने छात्रों को पढ़ाते वक्त कहा कि, हमने साफ नीयत से शुरुआत की है। हम अभी भी कहते हैं कि जो झाड़ू लगा रही है, बर्तन धो रही है, रिक्शा चला रहा है या कोई मजदूरी करता है, वे मेडिकल जांच कराने में सक्षम नहीं होते। क्योंकि उनकी एक दिन की मजदूरी ही ECG जांच में चली जाती है। लेकिन अब वे हमारे यहां 25 रुपये में जांच करवा सकते हैं।
दुश्मनी भी बढ़ेगी, पर कोई फर्क नहीं पड़ता
खान सर ने छात्रों से कहा, जब हमने कहा कि ECG जांच 25 रुपये में होगी तो डॉक्टर हमें घूरने लगे। लेकिन हमने कहा, चिंता मत करो। शिक्षा के बाद अब हमारा मकसद स्वास्थ्य सेवा है। जो हमने कहा, उसे पूरा करेंगे। लोगों को लगेगा कि हमने बहुत लूट लिया। पहले तो टीचर ही गाली देते थे, अब डॉक्टर भी गाली देंगे। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा अब हमें फर्क नहीं पड़ता। वहीं खान सर ने आगे ये भी कहा, इस पहल से डॉक्टरों और मेडिकल इंडस्ट्री के कुछ लोग नाराज़ भी हो सकते हैं। पर हमें इससे फर्क नहीं पड़ता। यहां तो सीता माता को अग्निपरीक्षा देनी पड़ी, हम कौन होते हैं।
“कलेजा होना चाहिए बाबू” सफलता के लिए हिम्मत जरूरी
एक छात्र ने उनसे पूछा कि इतनी बड़ी पहल कैसे संभव हो पाई? खान सर ने जवाब दिया, “कलेजा होना चाहिए बाबू” यानी हिम्मत, जोश और संकल्प के बिना कोई बड़ा काम संभव नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा के बाद अब उनका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा है, जो उन्होंने कहा है, उसे वे पूरा करेंगे।




