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Monday, March 2, 2026
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आज के ही दिन शुरू हुआ था दूरदर्शन, जानें भारत में टेलीविजन की पूरी कहानी

Doordarshan: बता दें कि 25 अप्रैल 1982 से दूरदर्शन का स्वरूप रंगीन हो गया था। इससे पहले दूरदर्शन ब्लैक एंड व्हाइट हुआ करता था।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आज के समय में हमारे देश में संचार से जुड़ी सभी तरह की सुविधा मौजूद हैं। भारत नेतकनीक के दम पर ये सब सुविधा जरूर हासिल कर ली है। लेकिन भारत में संचार की दिशा को आगे बढ़ाने में दूरदर्शन का बहुत बड़ा योगदान है। दूरदर्शन की स्थापना 15 सितंबर, 1959 को सरकारी प्रसारक के रूप में हुई थी। भारत में दूरदर्शन ने ही लोगों तक ज्ञान, समाचार और मनोरंजन से जुड़ी खबरें पहुंचाने का काम किया था। आज की पीढ़ी के पास नेटफ्लिक्स, मोबाइल, youtube जैसी सारी सुविधाएं मौजूद हैं। 

दूरदर्शन के लिए यह सफर इतना आसान नहीं था

अगर हम कहें कि दूरदर्शन ने ही भारत में टेलीविजन के माध्यम से समाचार, मनोरंजन और ज्ञान से जुड़ीं खबरों को लोगों तक पहुंचाने का काम किया है, तो इसमें कोई गलती नहीं होगी। क्योंकि दूरदर्शन ने ही भारत में अन्य चैनलों को फलने फूलने का मौका दिया। क्योंकि इसी की तकनीक को आगे बढ़ाते हुए भारत में तमाम चैनल हैं। आज के दौर में हमें किसी भी खबर आदि के लिए पहले की तरह घंटों इंतजार नहीं करना पड़ता है। सब जानकारी हमारे रिमोट के एक क्लिक करते ही सामने आ जाती है। लेकिन दूरदर्शन के लिए यह सफर इतना आसान नहीं था। 

इससे पहले दूरदर्शन ब्लैक एंड व्हाइट हुआ करता था

जिस समय दूरदर्शन की शुरुआत हुई थी, उस समय कुछ देर के लिए ही दूरदर्शन पर कार्यकर्मों का प्रसारण किया जाता था। दूरदर्शन ने अपने कार्यकर्मो की नियमित रूप से दैनिक प्रसारण वर्ष 1965 में ऑल इंडिया रेडियो के हिस्से के रूप में की थी। दूरदर्शन ने इस सेवा को वर्ष 1982 में मुंबई और अमृतसर तक विस्तारित कर दिया था। दूरदर्शन ने आज के समय में यह सेवा भारत के दूर दराज के गांवो तक पहुंचा दी है। बता दें कि 25 अप्रैल 1982 से दूरदर्शन का स्वरूप रंगीन हो गया था। इससे पहले दूरदर्शन ब्लैक एंड व्हाइट हुआ करता था। 

हम दूरदर्शन के इतिहास और वर्तमान उपलब्धि को भुला नहीं सकते हैं

हमारे देश में आज के समय में भी सभी महत्वपूर्ण खबरों और जानकारियों के लिए दूरदर्शन पर पूरा विश्वास किया जाता है। कोई भी महत्वपूर्ण प्रसारण हो उसको दूरदर्शन के माध्यम से दिखाया जाता है। आज भी दूरदर्शन कृषि दर्शन जैसे कार्यकर्मों के माध्यम से भारत के दूर दराज के गांवों तक जुड़ा हुआ है। हम दूरदर्शन के इतिहास और वर्तमान उपलब्धि को भुला नहीं सकते हैं।    

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