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Friday, March 6, 2026
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‘कुछ लोग देश को विभाजित करना चाहते हैं, ये अज्ञानता का चरम है…’, उपराष्ट्रपति धनखड़ का राहुल गांधी पर हमला

संसद भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति ने कहा कि मझे दुख इस बात का है कि इतने बड़े पद पर बैठे कुछ लोगों को भारत के बारे में ही पता नहीं है।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अमेरिका दौरे के दौरान राहुल गांधी के द्वारा दिए गए बयानों को लेकर छिड़ा राजनीतिक घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि देश के बाहर रहने वाले हर भारतीय को इस राष्ट्र का राजदूत बनना होगा। उन्होंने कहा कि मझे दुख इस बात का है और परेशानी है कि इतने बड़े पद पर बैठे कुछ लोगों को भारत के बारे में ही पता नहीं है। उपराष्ट्रपति ने ये बयान संसद भवन में गुरुवार को आयोजित एक कार्यक्रम में दिया। दरअसल राहुल गांधी अपने अमेरिका दौरे के दौरान आरक्षण पर एक विवादित टिप्पणी की थी। जिसके बाद से ही सत्ता पक्ष उनपर हमलावर है।

उपराष्ट्रपति ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा कि कितना दुखद है कि संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति अपने पद के विपरित काम कर रहा है। इससे अधिक निंदनीय, घृणित और असहनीय कुछ भी नहीं हो सकता है कि आप राष्ट्र के दुश्मनों का हिस्सा बन जाएं।

स्वतंत्रता का मूल्य कुछ लोग नहीं समझते- उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि कुछ लोग स्वतंत्रता का मूल्य नहीं समझते हैं। वे नहीं जानते कि इस महान देश भारत की सभ्यता की गहराई 5 हजार सालों से ज्यादा है। हमारे देश का संविधान पवित्र है, लेकिन कुछ लोग हमारे देश को विभाजित करना चाहते हैं। ये अज्ञानता का चरम है।

राहुल गांधी ने क्या दिया था बयान?

अपने अमेरिका दौरे पर राहुल गांधी ने कहा था कि कांग्रेस आरक्षण खत्म करने के बारे में तब सोचेगी जब भारत से भेदभाव खत्म हो जाएगा और अभी ऐसा नहीं होगा। क्योंकि भारत में अभी भेदभाव भयानक स्तर पर होता है। कुछ लोगों के पास देश का सबसे ज्यादा धन है। ऊंचे पदों पर सिर्फ कुछ लोगों की पहुंच है। देश की 90 फीसदी जनसंख्या के पास इन पदों पर जाने का पहुंच नहीं है। 

जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय में छात्रों को कर रहे थे संबोधित

जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय में छात्रों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा था कि जब आप वित्तीय आंकड़ों को देखेंगे तो पता चलेगा कि आदिवासियों को 100 रुपये में 10 पैसे मिलते हैं। दलितों को 100 में से 5 रुपये मिलते हैं और अन्य पिछड़ा वर्ग को भी लगभग इतने ही पैसे मिलते हैं। राहुल गांधी ने आगे कहा था कि सच्चाई ये है कि हासिये पर रह रहे इन लोगों को उचित भागीदारी नहीं मिल रही है।

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