नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के करमाला क्षेत्र में अवैध मुरुम उत्खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने पहुंचीं महिला आईपीएस अधिकारी डीएसपी अंजना कृष्णा और राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बीच फोन और वीडियो कॉल पर तीखी बहस हो गई। यह बहस अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और चर्चा का विषय बनी हुई है। बताया जा रहा है कि अंजना कृष्णा सड़क निर्माण में अवैध रूप से हो रहे मुरुम उत्खनन को रोकने के लिए मौके पर पहुंचीं थीं।
महिला DSP और डिप्टी सीएम के बीच गरमागरम बहस
दरअसल, माढा तालुका के कुर्डू गांव में अवैध मुरुम उत्खनन की शिकायत मिलने के बाद डीएसपी अंजना कृष्णा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। कार्रवाई के दौरान पुलिस और गांव वालों के बीच तीखी बहस होने लगी। इसी दौरान एनसीपी कार्यकर्ता बाबा जगताप ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार को कॉल किया और वह फोन डीएसपी अंजना कृष्णा को पकड़ा दिया। वायरल हो रहे वीडियो में यह दावा किया जा रहा है कि डिप्टी सीएम अजित पवार ने अधिकारी से कार्रवाई रोकने को कहा, लेकिन डीएसपी अंजना ने उन्हें पहचानने से इनकार कर दिया। हालांकि इस घटना को लेकर अब तक पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई है। वहीं, डीएसपी अंजना कृष्णा, तहसीलदार और प्रांताधिकारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
कॉल पर अजित पवार कहते हुए सुने जा सकते हैं कि “मैं आपको आदेश दे रहा हूं कि यह सब रुकवाइए और तहसीलदार से कहिए कि अजित पवार का फोन आया था। डिप्टी सीएम ने खुद मुझसे कहा है कि यह सब रुकवाना जरूरी है क्योंकि इस वक्त मुंबई का माहौल ठीक नहीं है।” इसके जवाब में डीएसपी अंजना कृष्णा ने कहा कि “आप ऐसा कीजिए, मुझे सीधे कॉल कीजिए।” इस पर अजित पवार ने कहा कि “मैं आपके खिलाफ कार्रवाई करूंगा। आपको मुझे देखना चाहिए। अपना नंबर दीजिए, मैं आपको व्हाट्सएप कॉल करता हूं। मेरा चेहरा तो आप पहचान लेंगी, इतनी डेरिंग हैं आप?”
NCP प्रवक्ता का बयान
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एनसीपी के प्रवक्ता आनंद परांजपे ने कहा कि उस कॉल को लेकर जो अर्थ निकाला जा रहा है, वह पूरी तरह गलत है। उनके अनुसार, अजित पवार ने डीएसपी अंजना कृष्णा से केवल पेशेवर तरीके से बात की थी। आनंद परांजपे ने यह भी कहा कि अंजना कृष्णा द्वारा यह कहना कि उन्हें राज्य के उपमुख्यमंत्री के बारे में जानकारी नहीं थी, सही नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी की बात को सुना जाना चाहिए और इस वीडियो को तोड़-मरोड़कर पेश नहीं किया जाना चाहिए।





