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Wednesday, March 11, 2026
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धार्मिक शिक्षा पर बयान देकर घिरे धीरेंद्र शास्त्री, ‘जावेद-नावेद’ वाली टिप्पणी चर्चा में

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने देशभर में वेदों और सनातनी शिक्षा को फैलाने के लिए गुरुकुल और सुंदरकाण्ड मंडल की स्थापना की योजना का ऐलान किया।

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क । मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदुत्व और वेदों की परंपरा को आगे बढ़ाने की अपनी योजना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि धाम में जल्द ही एक गुरुकुल की स्थापना की जाएगी, जहां बच्चों को वेदों और शास्त्रीय विद्या की शिक्षा दी जाएगी।

धीरेंद्र शास्त्री ने इस दौरान कहा “भोजन एक दिन तक, पानी एक घंटे तक टिकता है, लेकिन विद्या जीवन भर हमारे साथ रहती है। इसी कारण हम गुरुकुल के माध्यम से बच्चों में सनातनी शिक्षा का प्रचार करेंगे। हमारा लक्ष्य है कि देशभर में ऐसे गुरुकुल खुलें और अधिक से अधिक बच्चे वेदों की सीख प्राप्त करें।” इस बीच, उन्होंने विवादित टिप्पणी भी की कि वेद न मानने वाले लोगों के बच्चे भविष्य में जावेद और नावेद जैसे नामों से पहचाने जाएंगे। धीरेंद्र शास्त्री ने यह बातें राजस्थान के जयपुर में साझा कीं और अपने गुरुकुल प्रोजेक्ट के उद्देश्यों को स्पष्ट किया।

छतरपुर में सुंदरकाण्ड मंडल की स्थापना का किया ऐलान

छतरपुर के बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने देशभर में हिंदुत्व और सनातनी विचारधारा को फैलाने के लिए सुंदरकाण्ड मंडल की स्थापना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुंदरकाण्ड कार्यालय का उद्घाटन पहले ही किया जा चुका है और मंडल के सभी सदस्य लगातार इस कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं। शास्त्री ने कहा कि ये मंडल पूरे देश में सनातनी विचारों को व्यापक रूप से पहुंचाने और लोगों के हृदय में बदलाव लाने का माध्यम हैं। उनका कहना है कि भारत में हिंदुत्व और सनातनी संस्कारों को मजबूत करने का एक ही रास्ता है साधु-संतों का कमंडल और बागेश्वर धाम के सुंदरकाण्ड मंडल।

इस साल कन्या विवाह में होंगे तीन दिवसीय उत्सव और संतों का संगम

बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस साल होने वाले कन्या विवाह कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस बार बेटियों के विवाह उत्सव में खास बात यह है कि इसमें संतों का समागम भी होगा। यह उत्सव तीन दिन तक चलेगा और गरीब बेटियों को भी भव्य और दिव्य विवाह का पूरा अवसर मिलेगा। 

शास्त्री ने बताया कि 13 फरवरी को हल्दी और मंडप की व्यवस्था की जाएगी, 14 फरवरी को संगीत और मेहंदी का आयोजन होगा, जबकि 15 फरवरी को करीब 300 बेटियों का कन्यादान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम उन माता-पिताओं को ढूंढ रहे हैं जिनके घर बेटियां नहीं हैं, और वहीं, जिन बेटियों के माता-पिता नहीं हैं, उनका विवाह बागेश्वर धाम करवा रहा है ताकि उन्हें धर्मज माता-पिता मिलें। बेटियां किसी की भी हों, बेटी तो बेटी होती है।

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