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Saturday, March 14, 2026
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महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस मंत्रिमंडल विस्तार, धनंजय मुंडे की जगह छगन भुजबल ने ली मंत्री पद की शपथ

महाराष्ट्र की महायुति सरकार ने मंगलवार को मंत्रिमंडल का विस्तार किया। इस विस्तार में NCP (अजित पवार गुट) के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने मंत्री पद की शपथ ली। वे धनंजय मुंडे की जगह कैबिनेट में शामिल हुए।

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र की महायुति सरकार ने मंगलवार को मंत्रिमंडल का विस्तार किया। इस विस्तार में NCP (अजित पवार गुट) के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने मंत्री पद की शपथ ली। वे धनंजय मुंडे की जगह कैबिनेट में शामिल हुए हैं। शपथ ग्रहण का कार्यक्रम राज्यपाल भवन में आयोजित किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार भी मौजूद रहे। छगन भुजबल ने मराठी में मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली।

NCP कोटे से हुआ बदलाव

एनसीपी (अजित गुट) की ओर से मंत्रिमंडल में यह बदलाव किया गया है। धनंजय मुंडे, जो पहले मंत्री थे, उन्हें हटाकर छगन भुजबल को मंत्री बनाया गया है। माना जा रहा है कि यह फैसला पार्टी संतुलन और अनुभव को ध्यान में रखकर लिया गया है। छगन भुजबल महाराष्ट्र की राजनीति में एक दिग्गज नेता माने जाते हैं। वे पहले भी कई बार मंत्री पद संभाल चुके हैं। एनसीपी के अंदर उनका ठोस जनाधार और प्रशासनिक अनुभव है।

छगन भुजबल बोले – ‘कोई भी विभाग चलेगा, बस सेवा करनी है’

मंत्री बनने के बाद छगन भुजबल ने कहा, “विभाग को लेकर कोई लालसा नहीं है, जो जिम्मेदारी दी जाएगी, उसे निभाऊंगा। मैं 1991 से मंत्री रहा हूं और कई विभागों को संभाल चुका हूं, यहां तक कि गृह मंत्रालय भी। उन्होंने कहा,’सब कुछ ठीक है। अंत भला तो सब भला। मैं फडणवीस जी, शिंदे जी, अजित पवार जी, पीएम मोदी, अमित शाह, सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल का धन्यवाद करता हूं। दिसंबर 2024 में जब मंत्रिमंडल विस्तार हुआ था, तब भुजबल को जगह नहीं मिली थी। उन्होंने इस पर खुलकर नाराजगी जताई थी। अब धनंजय मुंडे के इस्तीफे के बाद उन्हें फिर से मौका मिला है। मुंडे ने मार्च 2025 में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया था।

एकनाथ शिंदे बोले – अनुभव का फायदा मिलेगा

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा,“छगन भुजबल अनुभवी नेता हैं। उन्होंने पहले भी कई विभाग संभाले हैं। उनकी वापसी से सरकार को अनुभव का बड़ा लाभ मिलेगा। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव करीब हैं। ऐसे में छगन भुजबल जैसे अनुभवी नेता की वापसी सरकार की ताकत को बढ़ा सकती है। यह मंत्रिमंडल विस्तार संतुलन साधने और अंदरूनी मतभेद दूर करने की कोशिश भी माना जा रहा है।

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