नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। दिवाली के अगले दिन शुक्रवार को दिल्ली के कई इलाकों में घना कोहरा छा गया। इसके कारण वायु गुणवत्ता में बहुत गिरावट आई और इसे ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रखा गया, जैसा कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने बताया। कई क्षेत्रों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 350 से ऊपर चला गया, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडराने लगा।
सुबह 7 बजे आनंद विहार में AQI 395, आया नगर में 352, जहाँगीरपुरी में 390 और द्वारका में 376 रिकॉर्ड किया गया। ये सभी जगहें ‘बहुत खराब’ वायु गुणवत्ता में आती हैं, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरे का संकेत है।
नागरिकों की चिंता
इंडिया गेट पर साइकिल चला रहे स्टीफन ने बताया कि प्रदूषण की वजह से उनके भाई की तबीयत बिगड़ गई है। उन्होंने कहा, “हाल ही में हमने बहुत आतिशबाजी देखी, जिससे प्रदूषण बढ़ गया। अब मेरे भाई को गले में खराश, सांस लेने में कठिनाई और आंखों में जलन हो रही है। यह बहुत चिंताजनक है।”
एक और साइकिल चालक जॉन ने कहा कि वह यहाँ साइकिल चलाने आया था, लेकिन अब उसे खांसी हो रही है और वह ठीक से साइकिल नहीं चला पा रहा। उन्होंने कहा कि पटाखों के कारण प्रदूषण बढ़ रहा है, जिससे गंभीर बीमारियाँ हो सकती हैं।
अन्य शहरों में भी समस्या
दिल्ली में प्रदूषण की समस्या अकेली नहीं है। चेन्नई और मुंबई जैसे अन्य शहरों में भी धुंध और खराब वायु गुणवत्ता की सूचना मिली है। CPCB के डेटा से यह साफ है कि दिवाली के बाद प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है, जिससे स्वास्थ्य पर प्रभाव की चिंता बढ़ी है।
दिल्ली सरकार की तैयारियाँ
गुरुवार को दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी हुई है। उन्होंने नागरिकों से अनुरोध किया कि वे पटाखे जलाने से बचें। उन्होंने कहा, “अगर हम पटाखे नहीं जलाएंगे, तो शहर में धुंध कम हो सकती है। आइए हम दीये जलाकर और मिठाइयाँ बाँटकर दिवाली मनाएं।”
राय ने बताया कि दिल्ली पुलिस पटाखों की बिक्री पर नज़र रख रही है और रात में गश्त बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदूषण से बचना सभी का कर्तव्य है।




