नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । राष्ट्रीय राजधानी में लगतार प्रदूषण बढ़ता ही जा रहा है। वहीं अब ऐसे हालात हो गए हैं कि बच्चों का स्कूल और कॉलेज जाना भी मुश्किल हो रहा है। वायु गुणवत्ता के बिगड़ने के बीच जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने दिल्ली और एनसीआर में गंभीर प्रदूषण और खतरनाक AQI स्तर का हवाला देते हुए 22 नवंबर तक ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित करने का फैसला किया है।
गुरुग्राम में 12वीं तक की सभी फिजिकल क्लास बंद
हरियाणा में गुरुग्राम के डिप्टी कमिश्नर के कार्यालय ने घोषणा की कि माध्यमिक शिक्षा हरियाणा के निदेशक के निर्देशों के अनुसार और वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) की स्थिति का आकलन करने के बाद गुरुग्राम जिले में 12वीं कक्षा तक की सभी फिजिकल क्लास 19 नवंबर से 23 नवंबर, 2024 तक या अगली सूचना तक निलंबित रहेंगी। मुंबई, दिल्ली और उत्तर भारत के कुछ हिस्सों सहित कई शहरों में वायु गुणवत्ता खराब हो गई है, जो गंभीर स्तर तक पहुंच गई है और स्वास्थ्य जोखिमों को लेकर चिंता पैदा कर रही है।
AQI “गंभीर” श्रेणी में बना हुआ है
राष्ट्रीय राजधानी में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली और एनसीआर राज्यों को ग्रेप स्टेज 4 प्रदूषण विरोधी उपायों को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है। क्योंकि AQI “गंभीर” श्रेणी में बना हुआ है। न्यायमूर्ति अभय एस. ओका और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने दिल्ली-एनसीआर राज्यों को योजना के तहत आवश्यक कार्रवाइयों के अनुपालन की निगरानी के लिए तुरंत टीमें बनाने का निर्देश दिया है।
GRAP उप-समिति की हुई थी आपातकालीन बैठक
SC ने आदेश दिया कि यदि AQI 450 से नीचे चला जाता है, तब भी GRAP चरण 4 उपायों को जारी रखा जाए और सभी एनसीआर राज्यों और केंद्र सरकार को अनुपालन हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है। यह निर्णय रविवार को शाम 4 बजे तक दिल्ली के दैनिक औसत AQI में तेज वृद्धि के बाद आया, जो 441 हो गया। शाम 7 बजे तक और बढ़कर 457 हो गया। जिसके कारण GRAP उप-समिति की एक आपातकालीन बैठक बुलाई गई।
गौरतलब है कि GRAP (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) राष्ट्रीय राजधानी और उसके आसपास के क्षेत्रों में स्थिति की गंभीरता के आधार पर लागू किए जाने वाले वायु प्रदूषण विरोधी उपायों का एक समूह है। GRAP चरण 3 और 4 के तहत प्रतिबंध तब लागू किए जाते हैं जब वायु गुणवत्ता गंभीर हो जाती है।





