नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। चक्रवाती तूफान दाना ने ओडिशा में दस्तक दे दी है। इसके असर के कारण 5.84 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। तूफान के कारण ओडिशा में लगातार बारिश हो रही है। भद्रक, केंद्रपाड़ा में 30 से.मी. से ज्यादा बारिश का अनुमान है। तूफान का असर 7 राज्यों में देखने को मिल रहा है।
रीजनल डायरेक्टर का बयान
भुवनेश्वर मौसम विभाग की रीजनल डायरेक्टर मनोरमा मोहंती ने कहा, ‘तूफान की यह प्रक्रिया शुक्रवार सुबह तक बरकारार है, इसके बाद चक्रवात कमजोर हो जाएगा और क्योंझर के बजाय ढेंकनाल और अंगुल जिलों की ओर लौट जाएगा।’
PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने मांगी जानकारी
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और और अमित शाह ने इस बात की जानकारी मांगी है कि राज्य में तूफान के चलते इससे निपटने की क्या तैयारी की गई है।
फ्लाइटें की गई रद्द
भुवनेश्वर और कोलकाता एयरपोर्ट पर गुरुवार शाम 5 बजे से 25 अक्टूबर सुबह 9 बजे तक 16 घंटे करीब 300 फ्लाइट्स रद्द कर दी गईं। ओडिशा ने नेशनल डिजास्टर रिलीफ फोर्स, ओडिशा डिजास्टर रिलीफ फोर्स और फायर ब्रिगेड की 288 टीमें तैनात की हैं। तूफान से प्रभावित 14 जिलों के स्कूल-कॉलेजों को बंद रखा गया है। साथ ही टूरिज्म पार्क और ओडिशा हाईकोर्ट भी आज बंद हैं।
राज्य में स्थापित किए गए हैं 6000 राहत शिविर
ओडिशा सरकार ने राज्य में करीब 6,000 राहत शिविर स्थापित किए हैं। इन राहत शिविरों में बच्चों, महिलाओं, पुरुषों और सभी बुजुर्गो के लिए खाने पीने के साथ साथ दवाईयों और सुरक्षा का पूरा इंतजाम रहेगा।
बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान दाना अपने खतरनाक रूप में आ गया है। इस तूफान का सबसे ज्यादा असर ओडिशा और पश्चिम बंगाल में है। हालांकि, इसका असर बिहार में भी देखने को मिल रहा है। पटना स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सुनील नारायण थुल ने बताया कि 24 अक्टूबर की रात्रि से ही झारखंड से सटे जिलों में बारिश और तेज हवा का दौर जारी है।




