नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। CPI(M) के वरिष्ठ नेता सीताराम येचुरी का आज निधन हो गया। वो 72 साल के थे। सीताराम येचुरी को 19 अगस्त को एम्स में भर्ती कराया गया था। उनके फेफड़ों में इनफेक्शन हो गया था। जिसकी वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहीं जानकारी के मुताबिक उनके परिवार ने उनके शव को एम्स दिल्ली को डोनेट करने का फैसला किया है।
निमोनिया की थी शिकायत
मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी CPI(M) के महासचिव सीताराम येचुरी 72 साल की उम्र में इस दुनिया को छोड़कर चले गए। 72 साल के सीताराम येचुरी एक्यूट रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इनफेक्शन से पीड़ित थे। जिसकी वजह से उन्हें AIIMS दिल्ली में भर्ती कराया गया था। दरअसल 19 अगस्त को तेज बुखार आने के बाद सीताराम येचुरी को AIIMS दिल्ली के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया था। उन्हें निमोनिया की शिकायत थी।
बड़े नेताओं में होती थी येचुरी की गिनती
सीताराम येचुरी की गिनती भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) के बड़े नेताओं में होती थी। वे CPI(M) के महासचिव थे। उनके कद का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वो 1992 से CPI(M) के पोलित ब्यूरो के सदस्य थे। इसके अलावा वो 2005 से 2017, 12 सालों तक पश्चिम बंगाल से राज्यसभा सांसद रहे थे। सीताराम येचुरी ने अपनी छात्र राजनीति 1974 में शुरू की थी। उस समय वो SFI में शामिल हुए थे, लेकिन एक साल बाद ही वो CPI(M) में शामिल हो गए।
1952 में हुआ था सीताराम येचुरी का जन्म
सीताराम येचुरी का जन्म 12 अगस्त 1952 को चेन्नई के एक तेलुगु भाषी ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम सर्वेश्वर सोमयाजुला येचुरी था। वो आंध्र प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम में इंजीनियर थे। उनकी मां एक सरकारी अधिकारी थीं। सीताराम येचुरी ने हैदराबाद के ऑल सेंट्स हाई स्कूल में पढ़ाई की थी।
इमरजेंसी में किया गया था गिरफ्तार
जिसके बाद सीताराम येचुरी ने प्रेसिडेंट्स एस्टेट स्कूल, नई दिल्ली में एडमिशन लिया और CBSE बोर्ड की उच्चतर माध्यमिक परीक्षा में पूरे भारत में पहली रैंक हासिल किया। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफन कॉलेज से इकॉनॉमिक्स से बीए की पढ़ाई की और फिर जेएनयू से अर्थशास्त्र में MA किया। इमरजेंसी के दौरान प्रदर्शन के चलते उन्हें गिरफ्तार किया गया था।





